सावधान! अगले दो दिन उत्तराखंड के इन 7 जिलों में भारी बारिश और तूफान की आशंका
देहरादून (ब्यूरो): उत्तराखंड में अगले 48 घंटे भारी पड़ने वाले हैं। मौसम विभाग (IMD) ने राज्य के मैदानी और पहाड़ी इलाकों में कुदरत के कड़े तेवर देखते हुए 04 और 05 मई के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी कर दिया है। रविवार को राज्य के कई हिस्सों में अचानक आई आंधी और ओलावृष्टि ने पहले ही तबाही के संकेत दे दिए हैं, जिसके बाद शासन ने सभी जिलाधिकारियों को मुस्तैद रहने का फरमान सुनाया है।
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, आज यानी 04 मई को देहरादून, हरिद्वार, टिहरी, पौड़ी, नैनीताल, ऊधम सिंह नगर और चम्पावत में मौसम सबसे ज्यादा खतरनाक रहेगा। इन जिलों में कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ आसमानी बिजली गिरने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने की आशंका है। कुछ इलाकों में ओलावृष्टि और अति तीव्र बारिश का भी अनुमान लगाया गया है।
कल, 05 मई को संकट का घेरा और बढ़ जाएगा। उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जैसे ऊंचाई वाले जनपदों में भी ‘ऑरेंज अलर्ट’ प्रभावी रहेगा। राहत की बात केवल इतनी है कि 06 मई तक अन्य जिलों में यलो अलर्ट रहेगा, लेकिन वहां भी आंधी और बिजली गिरने का खतरा टला नहीं है।
आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास सचिव विनोद कुमार सुमन ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए रविवार को ही आपात बैठक बुलाई। उन्होंने साफ कहा कि सभी जिलाधिकारी अपने सूचना तंत्र को ग्राम स्तर तक सक्रिय रखें। विशेष रूप से पर्वतीय क्षेत्रों में ट्रेकिंग गतिविधियों पर रोक लगाने या उन्हें कड़ाई से नियंत्रित करने के निर्देश दिए गए हैं। संवेदनशील इलाकों में निगरानी के लिए टीमें तैनात कर दी गई हैं।
चारधाम यात्रा पर आए तीर्थयात्रियों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन ने सबसे सख्त रुख अपनाया है। केदारनाथ धाम के लिए संचालित होने वाली हेलीकॉप्टर सेवाओं को लेकर स्पष्ट आदेश हैं कि यदि मौसम 1% भी खराब होता है, तो उड़ानें तुरंत बंद कर दी जाएं। फाटा, सोनप्रयाग और गुप्तकाशी जैसे बेस कैंपों पर यात्रियों को मौसम की पल-पल की जानकारी देने के निर्देश हैं ताकि वे जोखिम न उठाएं।
सड़क मार्ग की स्थिति को लेकर सचिव ने एनएच (NH), लोक निर्माण विभाग (PWD) और बीआरओ (BRO) को निर्देश दिए हैं कि जहां भी भूस्खलन या पेड़ों के गिरने से रास्ता बंद हो, उसे ‘प्रायोरिटी’ पर खोला जाए। रविवार को आई आंधी के कारण कई जगहों पर टिन शेड उड़ने और बिजली के पोल गिरने की खबरें मिली हैं, जिन्हें दुरुस्त करने का काम युद्धस्तर पर जारी है।
राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (SEOC) ने आम जनता और यात्रियों से अपील की है कि वे अनावश्यक यात्रा से बचें। मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, पिछले 24 घंटों में मुक्तेश्वर में 15.0 मिमी और मसूरी में 13.4 मिमी बारिश दर्ज की जा चुकी है, जिससे तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट आई है। अधिकारियों को अपने मोबाइल फोन 24 घंटे चालू रखने और किसी भी आपात स्थिति में ‘क्विक रिस्पॉन्स’ सुनिश्चित करने को कहा गया है।






