प्रेमनगर एनकाउंटर : ठेकेदार को गोली मारकर लूटा था बैग, जवाबी कार्रवाई में मारा गया हिस्ट्रीशीटर
देहरादून (ब्यूरो)। राजधानी के प्रेमनगर थाना क्षेत्र में बीती रात पुलिस और खूंखार बदमाशों के बीच हुई भीषण मुठभेड़ में 50 हजार का इनामी अपराधी अकरम मारा गया है। पौंधा रोड पर लूट और फायरिंग की सनसनीखेज वारदात के बाद पुलिस ने घेराबंदी की, जिसमें आत्मरक्षा में चलाई गई गोली अकरम को लगी और अस्पताल में उसकी मौत हो गई।
वारदात की शुरुआत 29-30 अप्रैल की दरम्यानी रात को हुई, जब पुलिस कंट्रोल रूम को पौंधा रोड पर लूट की सूचना मिली। ठेकेदारी का काम करने वाले देवराज अपनी स्कूटी से जा रहे थे, तभी गुजरात नंबर की एक काले रंग की बलेनो कार (GJ-06-MD-9084) ने उनका रास्ता रोका। कार सवार बदमाशों ने देवराज को गोली मार दी और उनका बैग छीनकर फरार हो गए, जिसमें 2 लाख रुपये नकद, मोबाइल और जरूरी दस्तावेज मौजूद थे।

सूचना मिलते ही थाना प्रभारी प्रेमनगर अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और बदमाशों का पीछा शुरू किया। विश्रांति के पास जंगल के रास्ते पर संदिग्ध कार दिखाई दी, जिसे रुकने का इशारा करने पर बदमाशों ने पुलिस टीम पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। बदमाशों की एक गोली थाना प्रभारी प्रेमनगर को जा लगी, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए।
जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने मोर्चा संभाला और सटीक फायरिंग की, जिसमें एक बदमाश अकरम लहूलुहान होकर गिर पड़ा। अंधेरे का फायदा उठाकर उसके अन्य साथी जंगल की तरफ भागने में सफल रहे। पुलिस ने मौके से लूटे गए 2 लाख रुपये, मोबाइल, डायरी, एक देसी पिस्टल और एक तमंचा बरामद किया है। घायल बदमाश अकरम और पुलिस अधिकारी को तत्काल कोरोनेशन अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने अकरम को मृत घोषित कर दिया।
एसएसपी देहरादून प्रमेंद्र सिंह डोभाल ने अस्पताल और घटनास्थल का दौरा कर फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पूरे जनपद में सघन चेकिंग अभियान और कॉम्बिंग के निर्देश दिए हैं।
अकरम का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड बेहद खौफनाक रहा है। वह साल 2014 में देहरादून के बालावाला में हुए चर्चित अंकित हत्याकांड का मुख्य अभियुक्त था। उस दौरान अकरम और उसके गैंग ने डकैती के दौरान एक युवक अंकित की गोली मारकर हत्या कर दी थी और परिवार को बंधक बनाकर लूटपाट की थी। इस मामले में वह तीन साल तक फरार रहा था, जिसके बाद पुलिस ने उस पर 50 हजार का इनाम रखा था।
मूल रूप से शामली (उत्तर प्रदेश) के थाना भवन क्षेत्र का रहने वाला अकरम उत्तराखंड और यूपी पुलिस के लिए सिरदर्द बना हुआ था। उस पर हत्या, लूट, डकैती और गैंगस्टर एक्ट समेत 14 से ज्यादा संगीन मुकदमे दर्ज थे। शामली पुलिस ने भी एक लूट के मामले में उस पर 5000 रुपये का इनाम घोषित कर रखा था।
पुलिस की जांच में सामने आया है कि अकरम कोर्ट की तारीख पर पेशी के सिलसिले में देहरादून आया था, लेकिन रात में उसने अपने साथियों के साथ मिलकर ठेकेदार को निशाना बना डाला। एफएसएल टीम ने मौके से अकरम का मोबाइल बरामद किया है, जिसके आधार पर उसके नेटवर्क और फरार साथियों की कुंडली खंगाली जा रही है।
अकरम पर देहरादून के नेहरू कॉलोनी, रायपुर, पटेलनगर और क्लेमेंटाउन थानों के अलावा सहारनपुर के बिहारीगढ़ और गागलहेड़ी थानों में भी गंभीर मामले दर्ज थे। हाल ही में वह साल 2024 और 2025 में भी पटेलनगर और क्लेमेंटाउन क्षेत्रों में हुई चोरी की वारदातों में जेल जा चुका था।






