अचानक बढ़ गया गुच्चूपानी का जलस्तर, टापू पर फंसे सैलानियों के लिए देवदूत बनी SDRF
देहरादून (ब्यूरो)। गुच्चूपानी (रोबर्स केव) में घूमने आए सात पर्यटकों की जान उस वक्त हलक में फंस गई, जब नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया। सैलाब के बीच एक टापू नुमा जगह पर फंसे इन पर्यटकों को SDRF की टीम ने बेहद चुनौतीपूर्ण ऑपरेशन चलाकर सुरक्षित बाहर निकाला।
शाम करीब 4:18 बजे आपदा कंट्रोल रूम देहरादून को सूचना मिली थी कि गुच्चूपानी क्षेत्र में कुछ लोग नदी के तेज बहाव की चपेट में आने की वजह से फंस गए हैं। जानकारी मिलते ही SDRF पोस्ट सहस्त्रधारा से अपर उपनिरीक्षक मनोज जोशी के नेतृत्व में एक विशेष रेस्क्यू टीम आधुनिक उपकरणों के साथ मौके के लिए रवाना हुई।
शुरुआती सूचना में केवल तीन लोगों के फंसे होने की बात कही गई थी, लेकिन जब रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची तो हालात कहीं ज्यादा गंभीर थे। उफनती नदी और पहाड़ी मलबे के बीच कुल सात पर्यटक एक ऐसी जगह फंसे हुए थे, जहां चारों तरफ पानी का रौद्र रूप दिख रहा था।
नदी का बहाव इतना तेज था कि पर्यटकों का खुद से किनारे तक आना नामुमकिन था और वे बुरी तरह घबराए हुए थे। SDRF के जवानों ने बिना वक्त गंवाए रस्सियों और लाइफ जैकेट की मदद से उफनते पानी में मोर्चा संभाला।
सटीक रणनीति और कड़ी मशक्कत के बाद टीम ने एक-एक कर सभी सातों व्यक्तियों को सुरक्षित किनारे तक पहुँचाया। रेस्क्यू किए गए लोगों की पहचान डोईवाला निवासी 27 वर्षीय रोहित, ऋषिकेश तिलक रोड के 41 वर्षीय मनीष और डोईवाला के ही 22 वर्षीय सागर थापा के रूप में हुई है।
इनके अलावा रेस्क्यू टीम ने चंद्र विहार निवासी 40 वर्षीय अंकित, प्रेमनगर के 31 वर्षीय नवजोत, बडोवाला देहरादून निवासी 27 वर्षीय सौरभ सिंह और डोईवाला के 32 वर्षीय मनीष (पुत्र हरिप्रसाद) को भी सकुशल बाहर निकाल लिया।
स्थानीय प्रशासन ने सैलानियों से अपील की है कि वे पहाड़ी क्षेत्रों में बदलते मौसम और नदी-नालों के जलस्तर को देखते हुए सावधानी बरतें। गुच्चूपानी जैसी जगहों पर अचानक पानी बढ़ना बेहद खतरनाक साबित हो सकता है, इसलिए सुरक्षा घेरे और चेतावनी का पालन करना अनिवार्य है।






