उत्तराखंड में मोदी की विचारधारा को धार : रवि चाणक्य ने किया बड़ा सांगठनिक फेरबदल
देहरादून (ब्यूरो)। नरेंद्र मोदी विचार मंच ने उत्तराखंड के सियासी और सामाजिक हलकों में अपनी सक्रियता बढ़ाते हुए संगठन का भारी भरकम विस्तार कर दिया है। राष्ट्रीय संरक्षक एवं अध्यक्ष रवि चाणक्य ने स्वयं राजधानी में मौजूद रहकर प्रदेश और जिला स्तर पर नई नियुक्तियों पर मुहर लगाई। संगठन का यह कदम आने वाले समय में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियों को पहाड़ के दूरस्थ गांवों तक पहुंचाने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
संगठन की इस नई लिस्ट में क्षेत्रीय संतुलन साधने की पूरी कोशिश की गई है। राजधानी देहरादून की जिम्मेदारी मानिक गोयल को सौंपी गई है, जिन्हें देहरादून महानगर अध्यक्ष बनाया गया है। वहीं, लोकेश ममगाई को महानगर महामंत्री के पद पर तैनात किया गया है। संगठन ने सिर्फ शहरों तक सीमित न रहकर दुर्गम पहाड़ी जिलों में भी नई ऊर्जा फूंकने के लिए जमीनी कार्यकर्ताओं को तरजीह दी है।
पछवादून क्षेत्र में संगठन को मजबूत करने का जिम्मा आनंद सिंह बिष्ट को मिला है, जिन्हें जिला अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। सीमांत जिले चमोली में संगठन ने एक पूरी टीम खड़ी की है। यहाँ डॉ. विजय भट्ट को जिला अध्यक्ष, गोविंद सिंह को जिला उपाध्यक्ष और महावीर सिंह बिष्ट को जिला महामंत्री की अहम भूमिका दी गई है।
इसके साथ ही टिहरी में शीशराम रतूड़ी और पौड़ी गढ़वाल में निक्की रावत को जिला अध्यक्ष की कमान सौंपी गई है। पौड़ी में ही मनवर सिंह चौहान को जिला उपाध्यक्ष मनोनीत किया गया है।
उत्तराखंड के प्रदेश अध्यक्ष राजकुमार परमार ने इन नियुक्तियों की पुष्टि करते हुए स्पष्ट किया कि राष्ट्रीय कार्यकारिणी के निर्देश पर यह विस्तार किया गया है। उन्होंने कहा कि रवि चाणक्य की मौजूदगी ने कार्यकर्ताओं में नया जोश भर दिया है। मंच का स्पष्ट विजन है कि प्रधानमंत्री के ‘विकसित भारत’ के संकल्प को उत्तराखंड के हर घर का हिस्सा बनाया जाए।
उल्लेखनीय है कि यह विस्तार ऐसे समय में हुआ है जब उत्तराखंड में ‘विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग 2026’ जैसे अभियानों के जरिए युवाओं को जोड़ा जा रहा है।
मोदी विचार मंच का यह नया ढांचा न केवल सरकारी योजनाओं की जानकारी जनता तक पहुंचाएगा, बल्कि सांस्कृतिक चेतना के प्रसार में भी सेतु का काम करेगा। सभी नए पदाधिकारियों ने पदभार ग्रहण करते हुए निष्ठा के साथ विचारधारा को आगे बढ़ाने का संकल्प दोहराया है।







