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देहरादून : सड़क पर तड़प रही थी घायल मां-बेटी, फरिश्ता बनकर पहुंचे CO सिटी स्वप्निल मुयाल

By Rajat Sharma

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एम्बुलेंस का नहीं किया इंतजार, सरकारी गाड़ी से ही घायल को लेकर अस्पताल भागे सीओ सिटी

खाकी का फर्ज : एसएसपी के निर्देशों का असर, संकट में परिवार की तरह खड़ी दिखी देहरादून पुलिस

देहरादून (ब्यूरो)। बलबीर रोड पर स्कूल से लौट रही एक मां और उनकी मासूम बेटी के लिए पुलिस क्षेत्राधिकारी (नगर) किसी फरिश्ते से कम साबित नहीं हुए। स्कूटी फिसलने के बाद सड़क पर घायल पड़ी महिला को देखकर क्षेत्राधिकारी ने प्रोटोकॉल किनारे रखकर तत्काल अपने सरकारी वाहन से उन्हें अस्पताल पहुंचाया। एसएसपी के ‘सुरक्षा भी, सेवा भी’ मंत्र को धरातल पर उतारते हुए पुलिस ने एम्बुलेंस का इंतजार कर समय गंवाने के बजाय फौरन एक्शन लिया।

आज यानी 28 अप्रैल 2026 को दोपहर के वक्त बलबीर रोड पर एक महिला अपनी बेटी को स्कूल से लेकर घर लौट रही थी। इसी दौरान अचानक स्कूटी का संतुलन बिगड़ गया और दोनों सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से चोटिल हो गई। उसी समय क्षेत्राधिकारी नगर स्वप्निल मुयाल अपनी टीम के साथ वहां से गुजर रहे थे। सड़क पर तड़पती महिला और घबराई हुई बच्ची को देख उन्होंने गाड़ी रुकवाई।

हादसे की गंभीरता को देखते हुए पुलिस टीम ने एम्बुलेंस बुलाने में लगने वाले समय का जोखिम नहीं उठाया। सीओ सिटी ने तुरंत घायल महिला और उनकी बिटिया को अपने सरकारी वाहन में बैठाया और सीधे परम अस्पताल के लिए रवाना हो गए। अस्पताल पहुंचकर पुलिस अधिकारियों ने खुद महिला को भर्ती कराया और प्राथमिक उपचार शुरू करवाया।

अस्पताल में भर्ती कराने के बाद पुलिस ने संवेदनशीलता दिखाते हुए महिला के मोबाइल से उनके परिजनों को तलाश किया। टीम ने तत्काल परिवार को हादसे की सूचना दी और उन्हें अस्पताल बुलाया। समय रहते इलाज मिलने और पुलिस की इस त्वरित मदद से महिला की स्थिति अब खतरे से बाहर बताई जा रही है।

परिजनों ने अस्पताल पहुंचकर दून पुलिस और सीओ सिटी का हाथ जोड़कर आभार व्यक्त किया। एसएसपी देहरादून ने हाल ही में सभी अधीनस्थों को निर्देश दिए थे कि संकट के समय पुलिस को एक सरकारी तंत्र की तरह नहीं, बल्कि परिवार के सदस्य की तरह आम जनता की मदद करनी चाहिए। आज की घटना उसी मानवीय दृष्टिकोण का सटीक उदाहरण बनकर सामने आई है।

इस बचाव अभियान में क्षेत्राधिकारी नगर स्वप्निल मुयाल के साथ आरक्षी जीवन चंद्र पाण्डे और आरक्षी चालक नीरज घिण्डियाल ने अहम भूमिका निभाई। देहरादून पुलिस की इस तत्परता की सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर जमकर सराहना हो रही है। शहर में अक्सर देखा जाता है कि लोग सड़क हादसों में घायलों की मदद से कतराते हैं, ऐसे में पुलिस का यह कदम लोगों के लिए नजीर पेश करता है।

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