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केदारनाथ धाम में उमड़ा आस्था का सैलाब : मात्र तीन दिन में 1 लाख से अधिक भक्तों ने टेका मत्था

By Rajat Sharma

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केदारनाथ में भक्तों का रिकॉर्ड तोड़ आंकड़ा, प्रशासन ने सुरक्षित यात्रा के लिए कसी कमर

केदारनाथ पहुंचे 1.10 लाख श्रद्धालु, तीर्थ पुरोहितों ने सोशल मीडिया पर चल रही भ्रामक खबरों को नकारा

रुद्रप्रयाग (ब्यूरो)। केदारनाथ धाम के कपाट खुलने के साथ ही उत्तराखंड की चारधाम यात्रा ने अपनी पूरी रफ्तार पकड़ ली है। हिमालय की गोद में स्थित बाबा केदार के दर्शनों के लिए श्रद्धालुओं का ऐसा सैलाब उमड़ा है कि शुरुआती तीन दिनों के भीतर ही दर्शन करने वालों का आंकड़ा 1 लाख 10 हजार को पार कर गया है।

केदार सभा के अध्यक्ष राजकुमार तिवारी ने स्पष्ट किया कि कपाट खुले आज तीसरा दिन है और इसी शुभ अवसर पर भगवान भैरवनाथ जी के कपाट भी विधि-विधान से खोल दिए गए हैं। धाम में इस समय श्रद्धालुओं की भारी मौजूदगी है, लेकिन प्रशासन और केदार सभा के अनुसार स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। प्रत्येक यात्री को सुचारू रूप से दर्शन का लाभ मिल रहा है।

अध्यक्ष ने उन तत्वों की कड़ी निंदा की है जो सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से धाम की व्यवस्थाओं को लेकर नकारात्मकता फैला रहे हैं। केदार सभा का कहना है कि कुछ लोग जानबूझकर यात्रा को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि धरातल पर तीर्थयात्री संतुष्ट हैं।

मंदिर प्रबंधन ने भीड़ को नियंत्रित करने और कम समय में दर्शन सुनिश्चित करने के लिए इस बार टोकन व्यवस्था लागू की है। केदार सभा के वरिष्ठ सदस्य उमेश चंद्र पोस्ती ने बताया कि बद्री-केदार मंदिर समिति (BKTC) और जिला प्रशासन संयुक्त रूप से दिन-रात व्यवस्थाओं की निगरानी कर रहे हैं।

सोशल मीडिया पर फैल रही भ्रामक खबरों का खंडन करते हुए उन्होंने देश-विदेश के भक्तों को आश्वस्त किया है कि वे बिना किसी डर या संशय के बाबा केदार के दरबार में आ सकते हैं। स्थानीय प्रशासन ने पैदल मार्ग से लेकर मंदिर परिसर तक सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं।

केदार सभा के सदस्य संजय तिवारी ने बताया कि धाम में केवल दर्शन ही नहीं, बल्कि यात्रियों के ठहरने और भोजन के लिए भी पर्याप्त प्रबंध किए गए हैं। चूंकि केदारनाथ की भौगोलिक परिस्थितियां चुनौतीपूर्ण हैं, इसलिए उन स्थितियों को ध्यान में रखते हुए शासन-प्रशासन ने बुनियादी सुविधाओं को सुदृढ़ किया है।

भैरवनाथ के कपाट खुलने के बाद अब परंपरा के अनुसार बाबा केदार की रक्षा और क्षेत्र की सुरक्षा का दायित्व भगवान भैरवनाथ संभालेंगे। तीर्थ पुरोहितों ने अपील की है कि श्रद्धालु आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें और यात्रा के दौरान स्थानीय गाइडलाइंस का पालन करें ताकि हिमालयी पर्यावरण और धाम की मर्यादा बनी रहे।

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