अक्षय तृतीया पर देहरादून में भक्ति का सैलाब, महंत सहजानंद ब्रह्मचारी ने दिए समाज को आशीष वचन
देहरादून (ब्यूरो)। राजधानी के नेहरू कॉलोनी स्थित भगवान परशुराम चौक पर आज श्रद्धा, स्वाभिमान और शक्ति का भव्य संगम देखने को मिला। अखिल भारतीय देवभूमि ब्राह्मण जन सेवा समिति द्वारा अक्षय तृतीया और वैशाख शुक्ल तृतीया (संवत 2083) के पावन अवसर पर चिरंजीवी भगवान परशुराम का जन्मोत्सव उत्साह के साथ आयोजित किया गया।
समिति के केंद्रीय अध्यक्ष अरुण कुमार शर्मा ने कार्यक्रम की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए स्पष्ट किया कि संस्था पिछले 12 वर्षों से सामाजिक और धार्मिक जन-जागरण के मिशन पर डटी हुई है। उन्होंने बताया कि इस आयोजन का उद्देश्य केवल धार्मिक कर्मकांड नहीं, बल्कि समाज में जनकल्याण की भावना को प्रबल करना है।
उत्तराखंड की आर्थिकी की रीढ़ मानी जाने वाली चारधाम यात्रा इस वर्ष निर्विघ्न और कुशल संपन्न हो, इस विशेष संकल्प के साथ परशुराम चौक पर भव्य हवन का आयोजन हुआ। पंडित शुभम भारद्वाज के नेतृत्व में यजमान परिवारों ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच आहुतियां डालीं। इस दौरान चौक पर मौजूद श्रद्धालुओं के लिए शीतल मीठा जल और हलवा प्रसाद की सेवा निरंतर जारी रही।
सनातनी परंपराओं के इस उत्सव में शस्त्र और शास्त्र के समन्वय पर विशेष जोर दिया गया। प्रातः 10:30 बजे से नेहरू कॉलोनी स्थित सनातन धर्म मंदिर में पंडित संजय शर्मा के भजनों ने माहौल को भक्तिमय कर दिया। मुख्य अतिथि के रूप में मां शाकंभरी देवी (बेहट) के शंकराचार्य आश्रम से पधारे महंत सहजानंद ब्रह्मचारी महाराज ने जनसमूह को संबोधित किया। उन्होंने ब्राह्मण स्वाभिमान और राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान पर प्रेरक विचार रखे।

शस्त्र शिक्षा के महत्व को जीवंत करते हुए मुक्ति मार्शल आर्ट एकेडमी के छात्रों ने युद्ध कला का हैरतअंगेज प्रदर्शन किया। इन युवाओं के कौशल ने ‘शस्त्र और शास्त्र’ के सिद्धांत को धरातल पर सार्थक किया। दोपहर 1 बजे से विशाल भंडारे का आयोजन हुआ, जिसमें हजारों भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया।
राजनीतिक और सामाजिक जगत की दिग्गज हस्तियों ने भी भगवान परशुराम के चरणों में मत्था टेका। इस मौके पर कथा आचार्य पंडित शिवप्रसाद ममगाई, पूर्व मेयर सुनील उनियाल गामा, मुख्यमंत्री के मीडिया प्रभारी हरीश कोठारी और लालचंद शर्मा प्रमुख रूप से मौजूद रहे। साथ ही राज्यमंत्री अशोक वर्मा, जोगेंद्र पुंडीर, वरिष्ठ कांग्रेस नेता राजीव महर्षि, पंडित सुभाष जोशी और विपिन जोशी ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
कार्यक्रम के सफल संचालन में समिति के संरक्षक रामनरेश शर्मा, पवन शर्मा, श्रीमती आभा बड़थवाल और सचिव रुचि शर्मा का विशेष सहयोग रहा। इनके साथ ही अभय उनियाल, वासु वशिष्ठ, डॉ. अजय वशिष्ठ, अनुराग गौड़, डॉ.वी.डी.शर्मा, संजय शर्मा, विक्रम शर्मा, विचित्र शर्मा, रामगोपाल शर्मा, प्रमोद शर्मा, डीके शर्मा, पंकज शर्मा, विशाल कौशिक, राजेश शर्मा, राजेश पंत, भारती जोशी, मधु शर्मा, सुमित रंजन और वसुधा सहित विभिन्न धार्मिक व सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधि इस गरिमामयी उत्सव के साक्षी बने।






