देहरादून : परशुराम जन्मोत्सव पर करनपुर में गूंजे मंत्र, यज्ञ में उमड़ी श्रद्धालुओं की भारी भीड़
देहरादून (नि.स.)। देहरादून करनपुर चौक स्थित बड़ा श्री हनुमान मंदिर में रविवार को भगवान श्री परशुराम जन्मोत्सव की धूम रही। ब्राह्मण समाज उत्थान परिषद की ओर से आयोजित इस धार्मिक अनुष्ठान में विधि-विधान से यज्ञ संपन्न किया गया। मंत्रोच्चार और आहुतियों के बीच समाज की सुख-समृद्धि और राष्ट्र कल्याण की कामना की गई।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में श्री चैतन्य गौड़ीय मठ के मठरक्षक भक्ति प्रसन्न त्यागी महाराज शामिल हुए। महाराज ने भगवान परशुराम के जीवन से जुड़े मार्मिक प्रसंग सुनाकर उपस्थित जनसमूह को भावविभोर कर दिया। उन्होंने बताया कि भगवान परशुराम केवल ब्राह्मणों के नहीं, बल्कि पूरी मानवता के रक्षक और धर्म के मार्गदर्शक हैं।

परिषद के अध्यक्ष पंडित सुभाष चंद्र जोशी ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए भगवान परशुराम के पदचिन्हों पर चलने का आह्वान किया। जोशी ने समाज में एकता और संस्कारों के संरक्षण पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि आज के समय में धर्म के प्रति जागरूकता ही युवा पीढ़ी को सही दिशा दिखा सकती है।
यज्ञ की पूर्णाहुति के बाद देश और प्रदेश की शांति के लिए प्रार्थना की गई। पूरे मंदिर परिसर में आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार देखा गया। कार्यक्रम का सफल संचालन परिषद के महामंत्री उमा नरेश तिवारी ने किया। आचार्य शशिकांत दुबे ने मुख्य आचार्य की भूमिका निभाते हुए सभी धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कराए।
इस भव्य आयोजन में शहर के कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम में वरिष्ठ उपाध्यक्ष एसपी पाठक, पूर्व अध्यक्ष सिद्धनाथ उपाध्याय और प्रवक्ता डॉ वी.डी.शर्मा ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। संगठन मंत्री आचार्य शशिकांत दुबे, राजकुमार तिवारी, पवन त्रिपाठी और देवमणि तिवारी ने व्यवस्थाओं का जिम्मा संभाला।
भाजपा के वरिष्ठ नेता विनोद शर्मा, अनिल रस्तोगी और विनोद अग्रवाल भी इस मौके पर श्रद्धा सुमन अर्पित करने पहुंचे। इसके अलावा अधिवक्ता मनोज शर्मा, मंदिर के मुख्य पुजारी विशाल मिश्रा और पार्षद राकेश पंडित ने भी अपनी सहभागिता निभाई।
कार्यक्रम में शशि शर्मा, जय करण मिश्रा, दिनेश्वर नाथ द्विवेदी और श्रीमती शारदा त्रिपाठी सहित मातृशक्ति की भी अच्छी उपस्थिति रही। गौरव त्रिपाठी, दिनेश शर्मा, आस्तिक धस्माना और वैदिक ब्राह्मण सभा के महामंत्री गौरव बक्शी ने कार्यक्रम की सराहना की। आयोजन के समापन पर विशाल भंडारे के रूप में प्रसाद वितरण किया गया।






