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सावधान! अगर किराएदार का नहीं कराया है पुलिस वेरिफिकेशन, तो लग सकता है लाखों का जुर्माना

By Rajat Sharma

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दून में खौफ में उपद्रवी! ‘ऑपरेशन प्रहार’ के तहत रातभर चली सघन चेकिंग, पुलिस की बड़ी स्ट्राइक

देहरादून में आधी रात को ‘ऑपरेशन प्रहार’: एसएसपी खुद सड़कों पर, दून पुलिस का बड़ा एक्शन

देहरादून (ब्यूरो)। राजधानी में बढ़ते अपराध और हाल ही में पूर्व ब्रिगेडियर की हत्या के बाद मचे बवाल के बीच दून पुलिस अब पूरी तरह ‘हंटर’ मोड में आ गई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के कड़े निर्देशों के बाद शुरू हुए ‘ऑपरेशन प्रहार’ ने अपराधियों की नींद उड़ा दी है। एसएसपी देहरादून प्रमेंद्र सिंह डोभाल के नेतृत्व में जिले भर में चली आधी रात की छापेमारी ने यह साफ कर दिया है कि देवभूमि की कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के लिए अब जेल ही आखिरी ठिकाना है।

पुलिस टीमों ने इस विशेष अभियान के दौरान रायपुर और विकासनगर इलाके में बड़ी कार्रवाई करते हुए नशे के दो बड़े सौदागरों को दबोच लिया। विकासनगर कोतवाली क्षेत्र से आसिफ नाम के तस्कर को 181 ग्राम अवैध चरस के साथ गिरफ्तार किया गया है, जो विशाल कॉलोनी डाकपत्थर का रहने वाला है। वहीं, रायपुर पुलिस ने बालावाला निवासी दिवांशु नेगी को 52 ग्राम चरस के साथ सलाखों के पीछे भेजा। पुलिस अब इनके पूरे नेटवर्क को खंगाल रही है ताकि नशे की जड़ पर प्रहार किया जा सके।

गौरतलब है कि ‘ऑपरेशन प्रहार’ की शुरुआत मुख्यमंत्री धामी ने तब की थी जब मसूरी रोड पर दो गुटों के बीच हुई फायरिंग में मॉर्निंग वॉक पर निकले रिटायर्ड ब्रिगेडियर मुकेश जोशी की जान चली गई थी। इस घटना के बाद से ही पुलिस पर भारी दबाव था, जिसके जवाब में अब पूरी दून पुलिस रात के अंधेरे में संदिग्धों और नशा तस्करों का काल बनकर सड़कों पर उतर रही है।

रातभर चली इस सघन चेकिंग के दौरान पुलिस ने करीब 1000 से अधिक संदिग्ध व्यक्तियों को रोककर उनकी कुंडली खंगाली। इनमें से 119 लोग पुलिस के सवालों का सही जवाब नहीं दे पाए, जिन पर 81 पुलिस एक्ट के तहत कार्रवाई करते हुए 31,500 रुपये का जुर्माना ठोका गया। इसके अलावा, 09 अन्य संदिग्धों को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 172 के तहत हिरासत में लेकर थाने लाया गया, जहां उनसे गहन पूछताछ की जा रही है।

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किरायेदारों और घरेलू नौकरों का सत्यापन न कराने वाले लापरवाह मकान मालिकों पर भी पुलिस ने सर्जिकल स्ट्राइक की है। जिले के 127 ऐसे मकान मालिकों और संस्थान स्वामियों की पहचान की गई जिन्होंने नियमों को ताक पर रखकर बिना वेरिफिकेशन के बाहरी लोगों को शरण दी थी।

पुलिस ने 83 पुलिस एक्ट के तहत इन पर कुल 12 लाख 70 हजार रुपये का भारी-भरकम जुर्माना लगाया है। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यह कार्रवाई अभी और तेज होगी।

सड़कों पर अराजकता फैलाने वाले वाहन चालकों को भी पुलिस ने नहीं बख्शा। शराब पीकर वाहन चलाने वाले 31 ड्राइवरों को गिरफ्तार कर उनकी गाड़ियों को मौके पर ही सीज कर दिया गया।

यातायात नियमों की धज्जियां उड़ाने वाले 123 चालकों के एमवी एक्ट में चालान काटकर 66,500 रुपये की वसूली की गई। इसके अलावा, माननीय न्यायालय के माध्यम से 85 चालकों के चालान किए गए और 43 वाहनों को नियम विरुद्ध संचालन के चलते जब्त कर लिया गया।

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