देहरादून (ब्यूरो) : गढ़वाल परिक्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक (IG) राजीव स्वरूप ने मंगलवार को राजधानी के सबसे महत्वपूर्ण ‘कोतवाली नगर’ थाने का वार्षिक निरीक्षण किया। इस दौरान IG ने न केवल कागजी कार्रवाई को खंगाला, बल्कि पुलिसकर्मियों की फील्ड दक्षता और हथियारों को चलाने की उनकी कुशलता की भी ऑन-स्पॉट परीक्षा ली।
थाने पहुंचने पर सबसे पहले पुलिस गार्द ने IG राजीव स्वरूप को सलामी दी। इसके तुरंत बाद उन्होंने कोतवाली में तैनात सभी पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों से एक-एक कर परिचय प्राप्त किया। औपचारिक मुलाकात के बाद निरीक्षण का मुख्य दौर शुरू हुआ, जिसमें थाने के रिकॉर्ड और संपत्ति के रखरखाव पर पूरा फोकस रहा।

IG गढ़वाल ने अपराध रजिस्टर, ग्राम अपराध रजिस्टर, मालखाना और आगंतुक रजिस्टर जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेजों की गहनता से जांच की। मालखाने में रखे ‘माल-मुकदमाती’ यानी केस से जुड़ी संपत्तियों के निस्तारण की स्थिति देखकर उन्होंने संतोष जताया। उन्होंने सरकारी संपत्ति के बेहतर प्रबंधन की सराहना करते हुए इसे इसी मानक पर बनाए रखने को कहा।
निरीक्षण के दौरान सबसे अहम हिस्सा हथियारों और आपदा उपकरणों की जांच का रहा। IG ने थाने के शस्त्रागार में मौजूद सभी अस्लाहों का सूची से मिलान किया। उन्होंने मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों से न केवल हथियारों के रखरखाव पर सवाल पूछे, बल्कि उनसे आपदा प्रबंधन उपकरणों को चलाकर दिखाने को भी कहा। IG ने साफ निर्देश दिए कि पुलिस बल को हथियारों और इमरजेंसी किट्स का नियमित अभ्यास करना चाहिए ताकि जरूरत पड़ने पर कोई चूक न हो।
कोतवाली परिसर और क्षेत्र में लगे CCTV कैमरों के नेटवर्क को चेक करने के बाद IG राजीव स्वरूप सीधे CCTNS कार्यालय पहुंचे। वहां तैनात ऑपरेटरों से उन्होंने पोर्टल के संचालन को लेकर पूछताछ की। उन्होंने अलग-अलग अपराध संख्या (FIR Number) डालकर पोर्टल पर दर्ज की गई जानकारियों की गुणवत्ता को परखा।
पेंडिंग केसों को लेकर IG का रुख सख्त नजर आया। उन्होंने विवेचना अधिकारियों को निर्देश दिए कि लंबित मुकदमों का निस्तारण गुण-दोष के आधार पर जल्द से जल्द किया जाए। उन्होंने दो टूक कहा कि थाने आने वाले हर फरियादी के साथ शालीन व्यवहार होना चाहिए और उनकी शिकायतों का निपटारा समयबद्ध तरीके से हो।
अपराध नियंत्रण की रणनीति साझा करते हुए IG ने क्षेत्र में पिकेट ड्यूटी, चेकिंग और रात्रि गश्त को और अधिक प्रभावी बनाने का आदेश दिया। उन्होंने डिजिटल माध्यमों और विभिन्न पोर्टलों से प्राप्त होने वाली शिकायतों पर भी विशेष रुचि लेकर उनका त्वरित निस्तारण करने की हिदायत दी। इस निरीक्षण के दौरान सीओ सिटी स्वप्निल मुयाल समेत कोतवाली के अन्य अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।






