देहरादून (ब्यूरो)। राजधानी के रायपुर थाने की कार्यप्रणाली और व्यवस्थाओं को परखने के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) प्रमेंद्र सिंह डोभाल ने शनिवार को वार्षिक निरीक्षण किया। इस दौरान कप्तान ने न केवल फाइलों के रखरखाव पर नाराजगी जताई, बल्कि पेंडिंग मामलों को लेकर पुलिस अधिकारियों की क्लास भी लगाई। एसएसपी ने स्पष्ट किया कि फाइलों को धूल फांकने के लिए नहीं छोड़ा जा सकता, इन्हें तत्काल अपडेट करना अनिवार्य है।
निरीक्षण की शुरुआत थाना कार्यालय के अभिलेखों की जांच से हुई। एसएसपी ने सीसीटीएनएस (CCTNS) पोर्टल पर दर्ज हो रहे डेटा की बारीकी से समीक्षा की। उन्होंने एनसीआरबी, सीएम पोर्टल और ई-डिस्ट्रिक्ट जैसे महत्वपूर्ण ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स से मिलने वाली शिकायतों के निपटारे में हो रही देरी पर सवाल उठाए। पुलिस कर्मियों को निर्देश दिया गया कि ऑनलाइन शिकायतों को प्राथमिकता के आधार पर तय समय सीमा के भीतर निस्तारित किया जाए।

शहर में बढ़ते अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए एसएसपी ने रायपुर क्षेत्र के सभी हिस्ट्रीशीटरों और सक्रिय अपराधियों की सूची तलब की। उन्होंने निर्देश दिए कि इलाके के बदमाशों पर 24 घंटे पैनी नजर रखी जाए। जो अपराधी फरार चल रहे हैं या जिन पर इनाम घोषित है, उनकी गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमें बनाकर दबिश देने के आदेश जारी किए गए। पुलिस को अपराधियों के खिलाफ सख्त निरोधात्मक कार्रवाई करने को कहा गया है।
महिला हेल्प डेस्क पर पहुंची शिकायतों का जायजा लेते हुए एसएसपी ने पुलिसिंग के तरीके में बड़े बदलाव के संकेत दिए। उन्होंने थाना प्रभारी को निर्देश दिया कि वे खुद रैंडम आधार पर शिकायतकर्ताओं को फोन करें। कप्तान ने कहा कि पुलिस यह सुनिश्चित करे कि फरियादी की समस्या का समाधान हुआ है या नहीं, इसका फीडबैक सीधे जनता से लिया जाए। इससे थाने स्तर पर होने वाली हीलाहवाली पर लगाम लगेगी।
मालखाने में सालों से जमा लावारिस सामान और एमवी एक्ट के तहत जब्त वाहनों को लेकर भी कप्तान सख्त दिखे। उन्होंने मालखाने के निरीक्षण के दौरान लंबित माल के त्वरित निस्तारण की कार्ययोजना पेश करने को कहा। एसएसपी ने कहा कि लावारिस पड़े वाहनों और संपत्ति का समयबद्ध निस्तारण न होना प्रशासनिक लापरवाही है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
फील्ड ड्यूटी के साथ-साथ पुलिस कर्मियों की कार्यक्षमता बढ़ाने पर भी जोर दिया गया। एसएसपी ने सभी जवानों को वैपन हैंडलिंग (हथियार चलाने) और दंगा नियंत्रण उपकरणों का नियमित अभ्यास करने का टास्क दिया। विशेष रूप से ‘क्राइम डिटेक्शन किट’ के इस्तेमाल को लेकर उन्होंने अधिकारियों को ट्रेनिंग देने के निर्देश दिए, ताकि क्राइम सीन से वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाने में कोई चूक न हो।
निरीक्षण के अंत में एसएसपी ने पुलिसकर्मियों की बैरक, मैस और आवासीय परिसर का भ्रमण किया। उन्होंने मैस में खाने की गुणवत्ता उच्च श्रेणी की रखने और परिसर में स्वच्छता बनाए रखने की हिदायत दी। जवानों के साथ बैठक कर उनकी व्यक्तिगत और विभागीय समस्याएं सुनीं और उनके जल्द समाधान का भरोसा दिया। हालांकि, उन्होंने चेतावनी भी दी कि अनुशासनहीनता किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं होगी।






