कोख में दम तोड़ते भ्रूणों पर तो तरस खाओ गवर्नर साहब!
विकासनगर (ब्यूरो)। जन संघर्ष मोर्चा अध्यक्ष एवं जीएनवीएन के पूर्व उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह नेगी ने पत्रकारों से वार्ता करते हुए कहा कि प्रदेश भर में जिस तरह से लगातार गर्भवती महिलाओं/ बहनों की सरकारी अस्पतालों में समुचित इलाज न मिलने से मौतें हो रही हैं तथा भ्रूण जन्म लेने से पहले ही कोख में दम तोड़ रहे हैं।
इसके लिए सीधे तौर पर स्वास्थ्य मंत्री एवं गवर्नर साहब जिम्मेदार हैं, जिनकी लापरवाही एवं गैर जिम्मेदाराना कृत्य की वजह से ये मोतें/हत्याएं हो रही हैं। यह अमानवीयता बहुत ही शर्मसार करने वाली बात है। नेगी ने कहा कि इनको सिर्फ मौत का नाम नहीं दिया जा सकता बल्कि एक तरह से हत्या है।
राजभवन का इतने गंभीर मामले में संज्ञान न लेना बहुत ही गैर जिम्मेदारराना है। सवाल इस बात का है कि आखिर गवर्नर साहब अधिकारियों एवं स्वास्थ्य मंत्री पर क्यों चाबुक नहीं चला रहे।
अपनी कुर्सी बचाने के लिए क्यों गवर्नर साहब जनता की बलि चढ़ा रहे। प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री धन सिंह रावत को मृतकों एवं उनके परिवार की पीड़ा का एहसास नहीं है। आज प्रदेश भर के सरकारी अस्पताल सिर्फ और सिर्फ रेफरल सेंटर बनकर रह गए हैं। अस्पतालों में कहीं डॉक्टर नहीं हैं तो कहीं पैरामेडिकल स्टाफ की भारी कमी है, कहीं सिर्फ और सिर्फ बिल्डिंग ही चमक रही है।
आखिर प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री धन सिंह रावत क्यों इन सब महत्वपूर्ण मुद्दों से बेखबर बने हुए हैं। कहीं ऐसा तो नहीं कि अधिकारी उनकी सुन ही नहीं रहे हों। नेगी ने कहा कि पांच-सात माह के भीतर जिस तरह से प्रसूता पीड़ित बहनों की मौत हुई हैं और बीमार व्यक्तियों को इलाज न मिलने के कारण असमय काल का ग्रास बनना पड़ा है, उसके लिए सीधे तौर पर स्वास्थ्य मंत्री जिम्मेदार हैं।
प्रदेश के राज्यपाल सिर्फ और सिर्फ प्रवचन (भाषण बाजी) करने में व्यस्त हैं, लेकिन उनको प्रदेश की जनता के स्वास्थ्य से कोई लेना-देना नहीं है। कौन मार रहा है व कौन दर-दर की ठोकरे खा रहा है, इससे गवर्नर साहब का कोई लेना-देना नहीं है। इन तमाम अवस्थाओं एवं हो रही मौतों के चलते स्वास्थ्य मंत्री एवं गवर्नर साहब को इस्तीफा दे देना चाहिए।
मोर्चा शीघ्र ही प्रदेश भर की सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली के मामले में आंदोलन करेगा। पत्रकार वार्ता में ठा. भाग सिंह व अध्यक्ष अमित जैन मौजूद थे।






