देहरादून (रजत शर्मा)। देहरादून की जैन धर्मशाला में उत्तराखंड संस्कृत संस्थानम् हरिद्वार के तत्वावधान में पांच दिवसीय ‘षोडश संस्कार प्रयोगात्मक प्रशिक्षण कार्यशाला’ का शानदार शुभारंभ हुआ। मुख्य अतिथि मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष विजय कुमार बिष्ट और बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. गीता खन्ना ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की। इस दौरान वक्ताओं ने समाज के सशक्तिकरण के लिए नैतिक मूल्यों और प्राचीन भारतीय संस्कारों को जीवन में उतारने पर जोर दिया।
उत्तराखंड संस्कृत संस्थानम् (Uttarakhand Sanskrit Sansthanam) द्वारा आयोजित इस पांच दिवसीय कार्यशाला का उद्देश्य आम जनमानस और विद्यार्थियों को जीवन के 16 संस्कारों के वैज्ञानिक और व्यावहारिक महत्व से परिचित कराना है। प्रिंस चौक स्थित जैन धर्मशाला में आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि विजय कुमार बिष्ट ने स्पष्ट किया कि शिक्षा के साथ-साथ सांस्कृतिक मूल्यों का समावेश ही एक सभ्य समाज का निर्माण कर सकता है। उन्होंने प्रशिक्षणार्थियों से इन संस्कारों को केवल किताबी ज्ञान न मानकर दैनिक जीवन में अपनाने का आह्वान किया।
संस्कारों से चरित्र निर्माण की कवायद
कार्यशाला के पहले दिन प्रशिक्षकों ने विभिन्न प्रयोगात्मक गतिविधियों और संवाद के माध्यम से बताया कि कैसे छोटे-छोटे व्यवहार परिवर्तन से उत्तम संस्कार विकसित किए जा सकते हैं। इस दौरान विशेषज्ञों ने 16 संस्कारों की वैदिक महत्ता पर प्रकाश डाला। बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. गीता खन्ना ने कहा कि वर्तमान समय में विद्यार्थियों में सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना भरना अनिवार्य है। उन्होंने इस तरह के आयोजनों को नई पीढ़ी के मानसिक और नैतिक विकास के लिए मील का पत्थर बताया।
विशेषज्ञों ने साझा किए अनुभव
मुख्य वक्ता डॉ. मोहन लाल जोशी ने कार्यशाला की रूपरेखा रखते हुए अनुशासन और नैतिकता के व्यावहारिक पक्षों पर चर्चा की। कार्यक्रम में प्रतिभागियों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और विशेषज्ञों से अपनी शंकाओं का समाधान किया। कार्यशाला के समापन पर सभी प्रशिक्षणार्थियों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए। आयोजकों ने भविष्य में भी इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रमों को प्रदेश भर में आयोजित करने का संकल्प दोहराया।
दिग्गजों की रही मौजूदगी
उद्घाटन सत्र में पूर्व मेयर सुनील उनियाल गामा, संस्थान के सचिव प्रोफेसर मनोज किशोर पंत, और कार्यक्रम संयोजक सुभाष जोशी प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। इनके अलावा वरिष्ठ पत्रकार डॉ.वी.डी.शर्मा, मनोज शर्मा, संस्कृत शिक्षा परीक्षा परिषद के सचिव पद्माकर मिश्र, डॉ. रामभूषण बिजल्वाण, डॉ. शैलेंद्र डंगवाल, डॉ. सीमा बिजल्वाण, शिवसेना प्रमुख गौरव, डॉ. नवीन सिंघल, किशोरी लाल रतूड़ी और अनूप बहुखंडी, पत्रकार राजकुमार छाबड़ा, ब्राह्मण नेता अरुण शर्मा सहित कई गणमान्य व्यक्तियों ने कार्यक्रम में शिरकत की।






