देहरादून (ब्यूरो)। देहरादून के प्रेमनगर चौराहे पर आज बढ़ती महंगाई और पेट्रोल-डीजल के दामों को लेकर जबरदस्त प्रदर्शन हुआ। यूथ कांग्रेस और प्रेम नगर व्यापार मंडल ने संयुक्त रूप से केंद्र और राज्य सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए पुतला दहन किया। प्रदर्शनकारियों ने साफ चेतावनी दी कि यदि रसोई गैस और ईंधन की कीमतों पर लगाम नहीं कसी गई, तो यह विरोध प्रदर्शन पूरे प्रदेश में बड़े जनआंदोलन का रूप लेगा।
देहरादून की कैंट विधानसभा के अंतर्गत आने वाले प्रेम नगर इलाके में आज महंगाई के मुद्दे पर भारी हड़कंप देखने को मिला। यूथ कांग्रेस नेता रितेश छेत्री, राजेश शर्मा और राजीव पुंज के नेतृत्व में सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने सड़क पर उतरकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि रसोई गैस की आसमान छूती कीमतों और पेट्रोल-डीजल के बढ़ते दामों ने आम जनता का बजट पूरी तरह बिगाड़ दिया है। कई इलाकों में ईंधन की कमी की खबरों ने जनता के बीच असंतोष को और गहरा कर दिया है।
गलत नीतियों पर घेरा
प्रदर्शन के दौरान यूथ कांग्रेस नेता रितेश छेत्री ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि सरकार की गलत आर्थिक नीतियों के कारण आज रसोई गैस और पेट्रोल-डीजल के दाम आम आदमी की पहुंच से बाहर हो रहे हैं। महंगाई ने जनता की कमर तोड़ दी है, लेकिन सत्ता में बैठे लोगों को जनता के दर्द से कोई सरोकार नहीं है। उन्होंने कहा कि रसोई गैस के दाम बढ़ने से गृहणियों के सामने चूल्हा जलाना मुश्किल हो गया है।
व्यापार मंडल का समर्थन
व्यापार मंडल के नेता राजेश शर्मा और राजीव पुंज ने भी इस विरोध प्रदर्शन में अपनी आवाज बुलंद की। राजेश शर्मा ने कहा कि पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी का सीधा असर माल ढुलाई और परिवहन लागत पर पड़ता है। इसका खामियाजा अंततः छोटे व्यापारियों और आम उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ रहा है। राजीव पुंज ने चिंता जताई कि महंगाई की वजह से बाजार की रौनक गायब हो रही है और व्यापार ठप होने की कगार पर है।
बड़े आंदोलन की चेतावनी
कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट किया कि वे चुप नहीं बैठेंगे। यदि सरकार ने तुरंत ठोस कदम नहीं उठाए, तो कांग्रेस और यूथ कांग्रेस सड़कों पर उतरकर व्यापक जनआंदोलन शुरू करेगी। प्रदर्शन में मुख्य रूप से संजय शर्मा, लाल चंद शर्मा, गरिमा मेहरा दसौनी, संगीता गुप्ता, दीवान सिंह बिष्ट, पिया थापा, आशीष देसाई, कैलाश बाल्मीकि समेत दर्जनों कार्यकर्ता मौजूद रहे।







