देहरादून (ब्यूरो)। उत्तराखंड में महिला सुरक्षा और कानून व्यवस्था के दावों के बीच नैनीताल से आई एक शर्मनाक खबर ने सियासी पारे को गरमा दिया है। दिल्ली की एक पर्यटक युवती के साथ टैक्सी ड्राइवर द्वारा कथित तौर पर अपहरण और दुष्कर्म के प्रयास की घटना ने प्रदेश की छवि पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। कांग्रेस ने इस मुद्दे पर सरकार को आड़े हाथों लिया है।
उत्तराखंड में लगातार बढ़ते महिला अपराधों और असुरक्षा के माहौल को लेकर उत्तराखंड कांग्रेस की मुख्य प्रवक्ता गरिमा मेहरा दसौनी ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व वाली सरकार पर तीखा हमला बोला है। गरिमा ने कहा कि नैनीताल जैसे अंतरराष्ट्रीय पर्यटन स्थल पर दिल्ली से घूमने आई युवती के साथ जो घटित हुआ, वह न केवल शर्मनाक है बल्कि देवभूमि की मर्यादा पर भी गहरी चोट है। एक पर्यटक को टैक्सी ड्राइवर द्वारा अगवा करने की कोशिश राज्य की लचर कानून व्यवस्था का प्रमाण है।
पर्यटन और प्रदेश की छवि पर खतरा
गरिमा दसौनी ने चिंता जताते हुए कहा कि हमारा राज्य पूरी तरह से पर्यटन पर निर्भर है, लेकिन अगर यहां आने वाली महिलाएं ही सुरक्षित महसूस नहीं करेंगी, तो पर्यटन उद्योग का भविष्य अंधकारमय हो जाएगा। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार एक तरफ ‘चार साल बेमिसाल’ के ढोल पीट रही है, वहीं दूसरी तरफ जमीनी हकीकत यह है कि महिलाएं अपने घर और सार्वजनिक स्थलों पर सुरक्षित नहीं हैं। सरकार की विफलता अब जगजाहिर हो चुकी है।
कांग्रेस की सख्त मांगें और चेतावनी
कांग्रेस ने इस मामले में प्रशासन से आर-पार की लड़ाई का मन बना लिया है। गरिमा ने स्पष्ट किया कि मामले की जांच फास्ट ट्रैक मोड पर होनी चाहिए ताकि आरोपी को तत्काल सजा मिल सके। इसके साथ ही उन्होंने पर्यटन स्थलों पर सक्रिय टैक्सी ड्राइवरों के अनिवार्य पुलिस वेरिफिकेशन और उनकी गतिविधियों की निरंतर मॉनिटरिंग की मांग की है। उन्होंने कहा कि महिला हेल्पलाइन को केवल कागजों तक सीमित न रखकर उसे धरातल पर मजबूत किया जाए।
देवभूमि की मर्यादा का सवाल
गरिमा ने कहा कि उत्तराखंड देवभूमि है और यहां आने वाली हर बहन-बेटी की सुरक्षा की जिम्मेदारी सीधे तौर पर सरकार की है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर सरकार महिला सुरक्षा सुनिश्चित करने में विफल रहती है और अपराधियों के खिलाफ सख्त कदम नहीं उठाती, तो कांग्रेस पार्टी चुप नहीं बैठेगी। जनता के हक और महिलाओं के सम्मान के लिए पार्टी सड़क से लेकर विधानसभा के सदन तक सरकार को घेरने का काम करेगी।







