Aaj Ka Panchang 18 october 2025 : 18 अक्टूबर 2025, शनिवार को कार्तिक कृष्ण पक्ष की द्वादशी तिथि पर यह त्योहार धूमधाम से मनाया जाएगा। सुबह-सुबह घरों में साफ-सफाई का दौर चलेगा, तो बाजारों में सोने-चांदी के दुकानों पर चहल-पहल बढ़ जाएगी। पंचांग के मुताबिक, यह दिन नई चीजें खरीदने और व्रत-पूजा के लिए बेहद अनुकूल है।
प्रदोष व्रत भी आज ही है, जो शिव भक्तों के लिए विशेष महत्व रखता है। आइए, जानते हैं आज के पंचांग की पूरी डिटेल, ताकि आप अपना दिन बिना किसी भूल-चूक के प्लान कर सकें।
तिथि, नक्षत्र और योग का खास संदेश
आज की तिथि द्वादशी दोपहर 12:21 बजे तक चलेगी, उसके बाद trayodashi लग जाएगी। यह तिथि धनतेरस जैसी पूजाओं के लिए जानी जाती है, क्योंकि इसमें लक्ष्मी-कुबेर की आराधना से घर में समृद्धि आकर्षित होती है। नक्षत्र पूर्व फाल्गुनी दोपहर 3:39 बजे तक रहेगा, जो रचनात्मक कामों और सामाजिक मेलजोल के लिए शुभ माना जाता है।
उसके बाद उत्तर फाल्गुनी का प्रभाव पड़ेगा, जो स्थिरता लाता है। योग में ब्रह्म दोपहर 1:39 बजे से शुरू होगा, जो बुद्धि-विवेक वाले निर्णयों के लिए बढ़िया समय है। करण की बात करें तो तैतिल दोपहर 12:21 बजे तक, उसके बाद गरव। ये संयोजन बताते हैं कि आज छोटे-मोटे शुभ कार्य आसानी से पूरे हो सकते हैं, बशर्ते समय का ध्यान रखें। चंद्रमा सिंह से कन्या राशि में गोचर करेगा, जो भावनाओं को संतुलित रखने का संकेत देता है।
सूर्योदय सुबह 6:27 बजे होगा, जबकि सूर्यास्त शाम 5:28 बजे। चंद्रोदय मध्यरात्रि के बाद 12:45 बजे और चंद्रास्त दोपहर 2:31 बजे। दिल्ली जैसे शहरों में ये समय थोड़े अलग हो सकते हैं, लेकिन पंचांग की ये गणनाएं सामान्यतः पूरे देश के लिए मान्य हैं। प्रदोष व्रत के लिए शाम का समय चुनें, जब सूर्य डूबने के बाद शिवलिंग पर जल चढ़ाएं।
शुभ मुहूर्त: खरीदारी और पूजा के लिए बेस्ट टाइम
धनतेरस पर लक्ष्मी पूजन और बर्तन-सोना खरीदने का मुहूर्त दोपहर 2:30 बजे से शाम 7:15 बजे तक रहेगा। अभिजित मुहूर्त, जो हर काम के लिए सबसे पक्का समय होता है, दोपहर 12:00 बजे से 12:48 बजे तक चलेगा। इस दौरान कोई भी नया काम शुरू करना चाहें, तो बिना हिचकिचाहट आगे बढ़ें। अमृत काल सुबह 9:15 से 10:45 बजे तक है, जो स्वास्थ्य से जुड़े फैसलों के लिए अच्छा रहेगा।
लेकिन याद रखें, राहुकाल दोपहर 9:00 से 10:30 बजे तक रहेगा, तो इस दौरान कोई बड़ा निवेश या यात्रा न प्लान करें। यमगंड दोपहर 3:00 से 4:30 बजे और गुलिक काल शाम 6:00 से 7:30 बजे तक अशुभ माने जाते हैं। इनसे बचकर चलें, वरना छोटी-मोटी परेशानी हो सकती है।
प्रदोष व्रत के लिए शुभ समय सूर्यास्त के बाद 8:00 बजे से 9:30 बजे तक है। इस दौरान शिव-पार्वती की पूजा करें, तो मन की शांति मिलेगी। कुल मिलाकर, आज का पंचांग उत्सव की तैयारी के लिए खासा सहायक है। बाजार जाएं तो स्थानीय समय के हिसाब से मुहूर्त चेक कर लें।
राशियों का संक्षिप्त फल: मेष से मीन तक
धनतेरस के दिन ग्रहों की चाल हर राशि को कुछ न कुछ संकेत दे रही है। मेष राशि वालों को व्यापार में लाभ मिलेगा, लेकिन जल्दबाजी न करें। वृषभ के लिए परिवारिक सुख बढ़ेगा, खरीदारी का मौका हाथ से न जाने दें। मिथुन राशि में संवाद कुशलता चमकेगी, नई डील पक्की हो सकती है। कर्क वाले स्वास्थ्य का ध्यान रखें, व्रत में हल्का भोजन लें।
सिंह राशि को नेतृत्व के अवसर मिलेंगे, लेकिन अहंकार से बचें। कन्या में रचनात्मकता उभरेगी, कला-संगीत से जुड़े लोग आगे बढ़ेंगे। तुला राशि वालों के लिए साझेदारी मजबूत होगी, लेकिन फैसले सोच-समझकर लें। वृश्चिक में ऊर्जा भरपूर रहेगी, पुराने दोस्त मिल सकते हैं। धनु राशि को यात्रा का योग है, लेकिन सुरक्षा पहले।
मकर वाले करियर में स्थिरता पाएंगे, निवेश सोचकर करें। कुंभ में सामाजिक जीवन जीवंत होगा, नेटवर्किंग फायदेमंद साबित होगी। मीन राशि वालों को आध्यात्मिक झुकाव बढ़ेगा, ध्यान-पूजा से फायदा। ये संकेत सामान्य हैं, व्यक्तिगत कुंडली से मैच करें।











