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Aaj Ka Panchang : शुक्रवार को ये शुभ योग लाएंगे धन लाभ, जानें सटीक समय

By Rajat Sharma

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Aaj Ka Panchang 19th September 2025 : हिंदू परंपराओं में हर दिन की शुरुआत पंचांग से होती है। ये न सिर्फ तारीखों का हिसाब रखता है, बल्कि जीवन के छोटे-बड़े फैसलों को दिशा भी देता है। कल, यानी 19 सितंबर 2025 को शुक्रवार है, और पितृपक्ष के इस दौर में एकादशी तिथि का आगमन हो रहा है।

अगर आप पूजा-पाठ या कोई महत्वपूर्ण काम की योजना बना रहे हैं, तो आज का पंचांग आपकी काफी मदद कर सकता है। चलिए, इसकी बारीकियों को थोड़ा विस्तार से समझते हैं, ताकि आपका दिन सुगम और फलदायी बने।

तिथि और पक्ष 

पंचांग की नींव तिथि पर टिकी होती है। 19 सितंबर को आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि रहेगी, जो रात तक चलेगी। पितृपक्ष में ये तिथि खास तौर पर श्राद्ध और पितरों के सम्मान के लिए उपयुक्त मानी जाती है। एकादशी का व्रत रखने वाले भक्तों के लिए ये दिन आध्यात्मिक ऊर्जा से भरपूर होगा।

याद रहे, तिथि का सही समय जानना जरूरी है, क्योंकि इसमें थोड़ी सी चूक भी पूजा के फल को प्रभावित कर सकती है। इस बार एकादशी का संयोग शुक्रवार से जुड़ रहा है, जो भगवान विष्णु की आराधना के लिए भी शुभ है। अगर आप घर पर सरल श्राद्ध कर्म कर रहे हैं, तो सुबह के घंटों को प्राथमिकता दें।

नक्षत्र और योग 

नक्षत्र पंचांग का एक और अहम अंग है, जो ग्रहों की स्थिति बताता है। कल अनुराधा नक्षत्र दोपहर तक रहेगा, उसके बाद ज्येष्ठा का आरंभ होगा। अनुराधा को मित्रता और सहयोग का प्रतीक माना जाता है, इसलिए टीम वर्क वाले कामों या पारिवारिक चर्चाओं के लिए ये समय बढ़िया रहेगा। साथ ही, व्याघात योग का प्रभाव रहेगा, जो थोड़ा चुनौतीपूर्ण हो सकता है, लेकिन सावधानी से निपटा जाए तो फायदेमंद साबित होगा।

ज्योतिषी बताते हैं कि ऐसे योग में जल्दबाजी से बचना चाहिए। अगर आप नया प्रोजेक्ट शुरू करने की सोच रहे हैं, तो नक्षत्र परिवर्तन के बाद का समय चुनें। ये छोटी-छोटी बातें ही जीवन को आसान बनाती हैं, है ना?

करण और वार 

करण तिथि का आधा हिस्सा होता है, और कल तैतिल करण सुबह तक रहेगा, फिर गर करण शुरू होगा। तैतिल को यात्रा और व्यापार के लिए ठीक माना जाता है, लेकिन गर करण में सतर्क रहें। वार की बात करें तो शुक्रवार है, जो प्रेम, सौंदर्य और धन से जुड़ा होता है। लक्ष्मी पूजन या वित्तीय निर्णय लेने के लिए ये दिन अनुकूल है। लेकिन याद रखें, हर वार की अपनी ऊर्जा होती है – शुक्रवार को मीठे बोल और सकारात्मक सोच अपनाएं।

शुभ मुहूर्त और राहुकाल 

अब आते हैं सबसे व्यावहारिक हिस्से पर – शुभ मुहूर्त। विवाह या नामकरण जैसे बड़े कामों के लिए सुबह 7 से 9 बजे तक का समय अच्छा रहेगा। अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12 से 1 बजे के आसपास होगा, जो किसी भी शुभ कार्य के लिए बेस्ट है। लेकिन राहुकाल से सावधान! ये दोपहर 1:30 से 3 बजे तक रहेगा, इसलिए इस दौरान कोई नया काम न शुरू करें।

राहुकाल को अशुभ माना जाता है, और इसमें की गई शुरुआत में बाधाएं आ सकती हैं। चोघड़िया के अनुसार, लबण और ऊद्वेग काल से बचें, जबकि चर और लाभ काल को चुनें। अगर आप मोबाइल पर पढ़ रहे हैं, तो ये टाइमिंग नोट कर लें – आसानी से चेक हो जाएंगे।

दिशाशूल और चंद्र स्थिति 

दिशाशूल पश्चिम दिशा में है, यानी शुक्रवार को पश्चिम की ओर यात्रा करने से परहेज करें। अगर मजबूरी हो, तो गंगा जल या नमक साथ रखें। चंद्रमा वृश्चिक राशि में रहेगा, जो भावनाओं को गहरा बनाता है। कर्क लग्न में सूर्योदय होगा, जो दिन की शुरुआत को मजबूत करेगा। सूर्योदय सुबह 6:15 के करीब, सूर्यास्त शाम 6:20 पर। चंद्रोदय रात 8 बजे के आसपास। ये जानकारियां दिल्ली-एनसीआर के लिए हैं; स्थानीय पंचांग से कन्फर्म करें।

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