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Yeh Rishta Kya Kehlata Hai 9th September 2025 Written Update : क्या मायरा बच पाएगी? अभिरा का साहस बना आखिरी उम्मीद

By Rajat Sharma

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Yeh Rishta Kya Kehlata Hai 9th September 2025 Written Update : अभिरा की बहादुरी, मायरा का भविष्य अधर में लटका। आज के एपिसोड में ड्रामा हाई लेवल पर पहुंच गया है। संजय अरमान से माफी मांगता है क्योंकि वो मैरा की सुरक्षा नहीं कर पाया। दोनों पर गिल्ट का बोझ इतना भारी है कि संजय बताता है कि उसने एफआईआर दर्ज करा दी है, लेकिन माधव को फोन करने पर सन्नाटा ही छा जाता है।

अरमान टूट चुका है, अपनी नाकामी से परेशान। उसके दिमाग में घूम रहा है कि अभिरा की मदद न कर पाने से मैरा का अपहरण हो गया। पछतावे की लहर दौड़ जाती है, वो खुद से सवाल करता है कि क्या वो पिता बनने लायक है? लेकिन संजय और मनोज उसे हताशा के गड्ढे में नहीं गिरने देते। वो उसे जिम्मेदारियों की याद दिलाते हैं। आग उगलते हुए अरमान कहता है कि वो शहर की भीड़भाड़ को अपनी मिशन पर हावी नहीं होने देगा – आखिर शहर से बड़ा तो पिता का इरादा होता ही है।

इधर, जलेबी के गंदे इरादे पर नजरें टिक जाती हैं। एक शक की फोन कॉल पर वो प्लानिंग करती है कि अपहृत लड़कियों, जिसमें मायरा भी शामिल है, को राजस्थान भेज देगी। वो रहस्यमयी क्लाइंट्स से डील फाइनल कर रही है, बिना ये जाने कि अभिरा हर शब्द चुपके से सुन रही है। टेंशन चरम पर पहुंच जाती है जब जलेबी को शक होता है और वो अभिरा से टकरा जाती है।

अभिरा बिना डरे, साहस से कहती है कि जलेबी को तो इससे कहीं ज्यादा सजा मिलनी चाहिए। जलेबी अपनी घमंडी हंसी के साथ कहती है कि अभिरा को कुछ पता ही नहीं, वो केस पर फोकस करे। लेकिन अभिरा की जिद्दी जज्बा उसे सच्चाई के करीब ले जाता है – जलेबी मायरा के अपहरण में गहरी साजिश का हिस्सा है।

जेल में धमाल 

दांव पर लग जाते हैं जब जलेबी अभिरा को केसरी के बर्थडे पार्टी में बुलाती है। जया और बाकी कैदी मना कर देते हैं, लेकिन जलेबी जिद पर अड़ी रहती है, अपनी जीत का दिखावा करना चाहती है। जया खुलकर जलेबी की हिम्मत की धज्जियां उड़ाती है, लेकिन जलेबी उसे हल्के में ले लेती है।

पार्टी शुरू होते ही माहौल में तनाव फैल जाता है। अचानक अभिरा खड़ी हो जाती है और जलेबी को सबके सामने बेनकाब कर देती है – वो आरोप लगाती है कि जलेबी जेल की दीवारों के अंदर से लड़कियों की तस्करी का काला कारोबार चला रही है। जलेबी बेचारी बनने का नाटक करती है, कहती है कि अभिरा पागल हो गई है, ये सब उल्टा करने की कोशिश है।

लेकिन अभिरा पीछे नहीं हटती। वो जलेबी का मोबाइल इंस्पेक्टर को सौंप देती है, सबूत के तौर पर। वार्डन सच्चाई से आंखें फेर लेती है, जलेबी के झूठ का साथ देती है।

इन सबके बीच मायरा और बाकी लड़कियां जलेबी के तस्करी के जाल में फंसी हुई हैं, उनकी उम्मीदें मद्धम पड़ रही हैं। अभिरा का दिल मायरा के लिए तड़प रहा है। वक्त बर्बाद न करने का फैसला लेते हुए वो केसरी की मदद मांगती है। पहले तो केसरी हिचकिचाती है, पूछती है कि किसी अनजान के लिए सब कुछ क्यों दांव पर लगाना? अभिरा इंसानियत की गहराई से याद दिलाती है उस वक्त की जब उन्होंने साथ में साधारण भोजन किया था। ये याद केसरी को छू जाती है, वो अभिरा का साथ देने का फैसला कर लेती है।

अभिरा अकेली जेल में, अरमान को मिला सुराग

लेकिन जलेबी का गुस्सा रुकने का नाम नहीं लेता। वो वार्डन को अपने जाल में फंसा लेती है, और सर्च के दौरान अभिरा के कपड़ों में छिपा चाकू मिल जाता है। अभिरा बेकसूर होने का चिल्लाती है, लेकिन जलेबी के झूठ वार्डन को भ्रमित कर देते हैं कि अभिरा ने हमला करने की साजिश रची थी। सजा क्रूर है: अभिरा को अकेलेपन की सजा में डाल दिया जाता है।

अपने अकेलेपन से अभिरा बदला लेने की कसम खाती है, जलेबी के बुरे साम्राज्य को तोड़ने के इरादे से। इधर अरमान की मायरा की तलाश आगे बढ़ती है जब केसरी का पति उसे फोन करता है, मायरा की सटीक लोकेशन बता देता है – वो जेल में बंद है। ये खुलासा संजय और मनोज को हिलाकर रख देता है।

अभिरा को कैसे पता था कि मायरा जेल में ही है? लेकिन अरमान उस पर शक नहीं करता। उसके शब्द जोरदार हैं – ‘मां नामुमकिन को भी मुमकिन बना सकती है।’
एपिसोड एक डरावने नोट पर खत्म होता है। अकेलेपन की सजा में फंसी अभिरा मायरा के लिए बेबसी से चीखती है, डर और लाचारी में डूबकर।

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