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CIBIL Score 750 के बावजूद लोन क्यों होता है रिजेक्ट, जानिए कारण

By Rajat Sharma

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CIBIL Score : जब भी बैंक या किसी बैंकिंग संस्थान से लोन लेने की बात आती है, तो CIBIL Score का नाम जरूर सामने आता है. अगर आप किसी से लोन की चर्चा भी छेड़ दें, तो शुरुआती दो-तीन सवालों में ही सामने वाला आपसे CIBIL Score पूछ लेगा. क्योंकि लोन मिलने के लिए CIBIL Score अच्छा होना जरूरी है और 750 से ऊपर को बेहतर माना जाता है.

लेकिन क्या आपको पता है कि 750 CIBIL Score होने पर भी लोन रिजेक्ट हो जाता है? आइए, हम आपको CIBIL Score से जुड़ी अहम बातें और RBI के लोन नियमों के बारे में विस्तार से बताते हैं.

CIBIL Score 750 से ऊपर होने पर भी लोन रिजेक्ट क्यों?

CIBIL Score 750 से ऊपर होने के बावजूद लोन रिजेक्ट हो जाता है, क्योंकि बैंक सिर्फ आपके CIBIL Score को नहीं देखते. वे आपकी पूरी फाइनेंशियल स्थिति, नौकरी की स्थिरता और मौजूदा देनदारियों का लेवल भी चेक करते हैं. अगर कहीं कुछ गड़बड़ हुई, तो CIBIL Score ठीक रहने पर भी लोन नहीं मिल पाएगा. बैंक CIBIL Score के साथ-साथ इन फैक्टर्स पर गौर करते हैं ताकि रिस्क कम हो.

ये फैक्टर्स भी हैं बेहद जरूरी

फाइनेंशियल स्थिति का रोल

लोन अप्रूव होने में आपकी इनकम और जॉब स्टेबिलिटी सबसे ज्यादा मायने रखती है. अगर आप बार-बार नौकरी बदलते हैं या लंबे समय तक बेरोजगार रहे हैं, तो बैंक आपको रिस्की कस्टमर मानते हैं. वहीं, अगर आप लगातार एक ही सेक्टर में काम कर रहे हैं और किसी विश्वसनीय कंपनी से जुड़े हैं, तो बैंक को भरोसा होता है.

इसके अलावा, आपके ऊपर पहले से चल रहे लोन भी अहम हैं. अगर आपकी कमाई का 40-50% हिस्सा पहले से EMI में जा रहा है, तो बैंक नया लोन देने में हिचकिचाते हैं. CIBIL Score अच्छा होने पर भी ये चीजें लोन रिजेक्ट करवा सकती हैं.

एक साथ कई लोन या कार्ड के लिए अप्लाई करना

कई लोग एक ही समय में कई लोन या क्रेडिट कार्ड के लिए अप्लाई कर देते हैं. इससे आपकी क्रेडिट रिपोर्ट में कई “हार्ड इंक्वायरी” दिखाई देती हैं, जिसे बैंक फाइनेंशियल स्ट्रेस का संकेत मानते हैं.

ऐसे में लोन रिजेक्ट होने की संभावना बढ़ जाती है. साथ ही, जिस बैंक में आप अप्लाई कर रहे हैं, अगर उसके साथ आपका पुराना रिकॉर्ड खराब रहा हो – जैसे EMI मिस होना या लोन सेटलमेंट में देरी – तो ये भी आपके खिलाफ जाता है. CIBIL Score पर इनका असर पड़ता है और लोन मिलना मुश्किल हो जाता है.

नए RBI नियमों में बड़ी राहत

नए RBI नियमों में पहली बार लोन लेने वालों के लिए क्रेडिट स्कोर की मिनिमम लिमिट हटा दी गई है. यानी बैंक अब सिर्फ कम CIBIL Score देखकर किसी को रिजेक्ट नहीं कर सकते. उन्हें कस्टमर की पूरी फाइनेंशियल स्थिति, लोन चुकाने की क्षमता और जॉब स्टेबिलिटी जैसी बातों को ध्यान में रखकर फैसला लेना होगा. ये बदलाव नए borrowers के लिए फायदेमंद है और CIBIL Score पर निर्भरता कम करता है.

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