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Gangajal Benefits : क्यों कहा जाता है गंगाजल को अमृत, स्पर्श से ही मिलते हैं धर्म और मोक्ष के फल

By Rajat Sharma

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Gangajal Benefits : गंगाजल को भारतीय संस्कृति में अमृत के समान माना जाता है। इसके पवित्र होने का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि लोग महत्वपूर्ण वचन या शपथ लेने के समय इसे हाथ में रखते हैं।

मृत्यु के अंतिम समय में यदि किसी व्यक्ति के मुंह में गंगाजल की बूंद डाली जाए, तो यह माना जाता है कि उसकी आत्मा को मोक्ष की प्राप्ति होती है।

धार्मिक मान्यता है कि गंगाजल का स्पर्श मात्र मानसिक और शारीरिक कष्टों से मुक्ति दिलाता है। साथ ही, घर में गंगाजल रखने से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और सकारात्मक वातावरण बनता है।

गंगाजल के उपयोग और लाभ

शास्त्रों के अनुसार, गंगाजल का स्पर्श मोक्ष की राह खोलता है। इसे हमेशा मंदिर या पूजा स्थल में ही रखें।

घर में क्लेश या तनाव की स्थिति हो, तो रोजाना सुबह स्नान और पूजा के बाद पूरे घर में गंगाजल का छिड़काव करें।

बच्चों पर बुरी नजर या नकारात्मक प्रभाव से बचाने के लिए उनके ऊपर गंगाजल छिड़कें।

बीमारियों के प्रकोप को कम करने के लिए घर की उत्तर-पूर्व दिशा में पीतल के पात्र में गंगाजल रखें।

हर सोमवार भगवान शिव का गंगाजल से अभिषेक करें।

शनिवार को गंगाजल मिश्रित जल पीपल के पेड़ की जड़ों में अर्पित करें।

रात में डरावने सपने आने पर सोने से पहले बिस्तर पर गंगाजल छिड़कें।

बच्चों की पढ़ाई में ध्यान बढ़ाने के लिए बुधवार को भगवान गणेश की पूजा के साथ उनके कमरे में गंगाजल छिड़कें।

घर के किसी सदस्य में गुस्सा या चिड़चिड़ापन हो तो उसके ऊपर गंगाजल छिड़कें, इससे मानसिक शांति मिलती है।

गंगाजल का नियमित सेवन स्वास्थ्य के लिए लाभकारी है। यह रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है, बुद्धि को तेज करता है और बीमारियों से सुरक्षा देता है।

गंगाजल का प्रयोग सही समय और विधि से करने पर जीवन में सकारात्मक बदलाव और मानसिक शांति का अनुभव किया जा सकता है।

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