Vishwakarma Puja Boondi Laddu : भारत की परंपराओं में हर त्योहार का अपना अलग महत्व है। इन्हीं में से एक है विश्वकर्मा पूजा, जो श्रम, निर्माण और कौशल के देवता भगवान विश्वकर्मा को समर्पित है।
इस दिन विशेष रूप से औज़ारों, मशीनों और उपकरणों की पूजा की जाती है। पूजा-अर्चना के साथ भोग और प्रसाद का भी खास स्थान होता है, और जब मिठाई की बात आती है तो बूंदी के लड्डू सबसे प्रिय माने जाते हैं।
छोटे-छोटे सुनहरे दानों से बने ये लड्डू न सिर्फ देखने में आकर्षक होते हैं बल्कि स्वाद में भी लाजवाब होते हैं।
घर पर बनाए गए शुद्ध बूंदी लड्डू पूजा में भोग लगाने के लिए शुभ माने जाते हैं और प्रसाद के रूप में परिवार और मेहमानों को बेहद पसंद आते हैं।
बूंदी के लड्डू बनाने के लिए सामग्री
- बेसन – 1 कप
- पानी – लगभग ¾ कप (घोल के लिए)
- केसरिया रंग – 1 चुटकी (वैकल्पिक)
- घी या तेल – तलने के लिए
- झर (छेद वाली कड़छी) – बूंदी बनाने के लिए
- चाशनी के लिए
- चीनी – 1 कप
- पानी – ½ कप
- इलायची पाउडर – ½ चम्मच
- केसर – कुछ धागे (वैकल्पिक)
- कटा हुआ मेवा – 2–3 चम्मच (काजू, बादाम, किशमिश)
बूंदी लड्डू बनाने की विधि
बेसन को छानकर उसमें धीरे-धीरे पानी मिलाएं और गाढ़ा, लेकिन बहने वाला घोल बना लें। चाहें तो इसमें हल्का केसरिया रंग भी मिला सकते हैं। घोल को 10 मिनट के लिए अलग रख दें।
कढ़ाई में घी या तेल गरम करें। झर को ऊपर रखें और उसमें बेसन का घोल डालें। जैसे ही घोल से बूंदें गिरेंगी, कढ़ाई में सुनहरी बूंदी बनकर तैयार हो जाएगी। इन्हें हल्का तलकर निकाल लें।
एक पैन में चीनी और पानी डालकर मध्यम आंच पर 1 तार की चाशनी बना लें। इसमें इलायची पाउडर और केसर डालें और गैस बंद कर दें।
गर्म चाशनी में तैयार बूंदी डालें और अच्छे से मिला लें। इसमें कटे हुए मेवे डालकर 10–15 मिनट ढककर रख दें ताकि बूंदी पूरी तरह से चाशनी सोख ले।
जब मिश्रण हल्का गुनगुना रह जाए, हाथ में घी लगाकर गोल लड्डू बना लें। सभी लड्डू तैयार करके थाली में ठंडा होने दें।
पूजा और प्रसाद में परोसें
विश्वकर्मा पूजा पर बने ये बूंदी के लड्डू भगवान को भोग के रूप में अर्पित करें और फिर परिवार व प्रियजनों के साथ मिलकर प्रसाद स्वरूप बांटें।
ये लड्डू स्वाद, परंपरा और आस्था—तीनों का सुंदर मेल हैं।











