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Bangladesh में शेख हसीना के फैसले से पहले बढ़ी हिंसा, गोली चलाने का आदेश

By Rajat Sharma

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Bangladesh : भारत के पड़ोसी देश बांग्लादेश में एक बार फिर राजनीति उथल-पुथल मच गई है। हिंसा की लपटें फिर भड़क उठी हैं। आवामी लीग ने यूनुस सरकार के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिए हैं। ढाका समेत कई शहरों में तोड़फोड़ की घटनाएं हो रही हैं। आज शेख हसीना पर कोर्ट का फैसला आने वाला है।

इसको लेकर पूरे बांग्लादेश में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। इधर, अंतरिम सरकार ने हिंसा करने वालों पर गोली चलाने के आदेश दे दिए हैं। देर रात आवामी लीग के कार्यकर्ताओं ने राजधानी ढाका में बसों और सरकारी इमारतों में आग लगा दी। बढ़ते तनाव के बीच अब प्रमुख इलाकों में सीमा रक्षकों को तैनात किया गया है।

बता दें कि बांग्लादेश में तख्तापलट के बाद निष्कासित पूर्व पीएम शेख हसीना के खिलाफ अंतर्राष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण (ICT) में आज फैसला आना है। शेख हसीना की पार्टी आवामी लीग ने बांग्लादेश में देशव्यापी ‘पूर्ण बंद’ का आह्वान किया है। हालांकि यूनुस सरकार ने आवामी लीग पर प्रतिबंध लगा रखा है। आवामी लीग के बाद से बांग्लादेश में हाई अलर्ट है।

बांग्लादेश में बढ़ते तनाव का असर

अगर शेख हसीना पर ICT का फैसला मौत की सजा जैसा आता है, तो बांग्लादेश में हंगामा और तेज हो सकता है। खासकर ढाका और गोपालगंज जैसे इलाकों में जहां आवामी लीग का दबदबा है, वहां सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ा दी गई है। बताया जा रहा है कि वकील और पुलिसकर्मियों की हत्या जैसे आरोपों से जुड़े इस केस में शेख हसीना को मुख्य आरोपी माना गया है।

इससे न सिर्फ वर्तमान राजनीतिक स्ट्रक्चर हिल सकता है, बल्कि पेंशन और रिटायरमेंट प्लानिंग पर भी असर पड़ने की आशंका है। कई एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर ये फैसला लागू होता है तो बांग्लादेश की फाइनेंशियल सिक्योरिटी और फ्यूचर प्लानिंग को सॉलिड बूस्ट मिलेगा, लेकिन पहले शांति जरूरी है।

हिंसा की घटनाएं और संभावित परिणाम

वायरल रिपोर्ट्स के मुताबिक, बांग्लादेश में हिंसा की कई घटनाएं ग्रेड पे और लेवल के आधार पर अलग-अलग प्रभाव दिखा रही हैं। मिसाल के तौर पर, ढाका में 17 बसें जला दी गईं, जबकि अन्य शहरों में 36 कॉकटेल ब्लास्ट हुए। अगर ये हिंसा जारी रहती है, तो ICT का फैसला सुपर स्ट्रॉन्ग हो जाएगा और फरवरी के चुनावों पर असर पड़ सकता है। लेकिन याद रखें, ये सब अनुमान हैं और बांग्लादेश पर आधिकारिक कन्फर्मेशन जरूरी है।

पेंशनर्स और आम लोगों पर प्रभाव

अगर ICT का फैसला 51% तक सख्त होता है, तो फायदा सिर्फ एक्टिव पॉलिटिशियन को नहीं, बल्कि आम नागरिकों को भी मिलेगा। अनुमान लगाया जा रहा है कि हिंसा कम होने से 3,500 से 30,000 रुपये तक की बचत पॉसिबल हो सकती है। इससे हजारों सीनियर सिटिजन्स की इकोनॉमिक स्टेबिलिटी और हेल्थ सिक्योरिटी मजबूत होगी।

कब होगा अगला अपडेट और उम्मीदें?

अब सबसे बड़ा सवाल – बांग्लादेश में ICT फैसले का ऑफिशियल ऐलान कब? सोशल मीडिया पर चर्चा है कि फाइनेंस मिनिस्ट्री और DOPT जल्द फाइल क्लियर करके नोटिफिकेशन जारी कर सकते हैं। लोगों की उम्मीदें हाई हैं क्योंकि महंगाई और जरूरी चीजों की कीमतें आसमान छू रही हैं। लेकिन सच्ची जानकारी सिर्फ सरकार की वेबसाइट, प्रेस रिलीज या PIB नोटिफिकेशन से ही आएगी। इसलिए वायरल मैसेज को फाइनल न मानें।

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