US-India Tariff War : अमेरिका की तरफ से शुरू हुए भारत के खिलाफ टैरिफ वॉर का असर अब साफ नजर आने लगा है। आंकड़े चिल्ला-चिल्ला कर बता रहे हैं कि भारत से अमेरिका भेजे जाने वाले सामान में भारी गिरावट आ गई है। रूसी तेल खरीदने को लेकर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर कुल 50 फीसदी शुल्क ठोक दिया है।
ऊपर से भारत पर जुर्माना भी लग चुका है। ये सब कुछ ऐसा लग रहा है जैसे दो दोस्तों का झगड़ा अब व्यापार की जंग में बदल गया हो।
थिंक टैंक GTRI, यानी ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव, के ताजा आंकड़ों ने तो जैसे आग में घी डाल दिया है। इस साल मई से सितंबर के बीच अमेरिका को भारत का निर्यात 37.5 प्रतिशत लुढ़क गया। मई में जहां ये 8.8 अरब अमेरिकी डॉलर का था, सितंबर तक सिमटकर रह गया 5.5 अरब डॉलर। यानी कुल मिलाकर 3.3 अरब डॉलर का नुकसान! GTRI ने ये आंकड़े रविवार को जारी किए हैं, जो बताते हैं कि टैरिफ का असर कितना गहरा है।
निर्यात के प्रमुख सेक्टरों पर पड़ी मार
GTRI की रिपोर्ट में साफ कहा गया है कि इस दौरान दवाओं, स्मार्टफोन, धातु और ऑटो कल-पुर्जों जैसे अहम सेक्टरों में भारी गिरावट दर्ज की गई। दवा उत्पादों का निर्यात मई के 74.56 करोड़ अमेरिकी डॉलर से 15.7 प्रतिशत घटकर सितंबर में 62.83 करोड़ डॉलर रह गया। ये वो दवाएं हैं जो अमेरिका में लाखों लोगों की जान बचाती हैं, लेकिन अब टैरिफ की वजह से कीमतें बढ़ रही हैं।
सभी देशों के लिए एक समान शुल्क झेल रहे औद्योगिक धातुओं और ऑटो कल-पुर्जों का निर्यात भी 16.7 प्रतिशत की मामूली गिरावट के साथ 0.6 अरब अमेरिकी डॉलर से घटकर 0.5 अरब डॉलर रह गया। ये सेक्टर अमेरिका की फैक्ट्रियों के लिए जानलेवा हैं, लेकिन अब सप्लाई चेन में खलल पड़ रहा है।
धातुओं के व्यापार पर खास नजर
GTRI के संस्थापक अजय श्रीवास्तव ने बताया कि एल्युमीनियम के निर्यात में 37 प्रतिशत, तांबे में 25 प्रतिशत और लौह-इस्पात में आठ प्रतिशत की गिरावट आई है। उन्होंने कहा, “वैश्विक आपूर्तिकर्ताओं पर भी समान शुल्क लगे हैं, तो ये गिरावट शायद हमारी प्रतिस्पर्धात्मकता कम होने की बजाय अमेरिका की धीमी औद्योगिक गतिविधि को दिखा रही है।”
मतलब, अमेरिका की मंदी भी इसमें हाथ बंटा रही है। ये आंकड़े सोचने पर मजबूर करते हैं कि क्या ये सिर्फ टैरिफ की मार है या वैश्विक अर्थव्यवस्था का खेल?
भारत-अमेरिका के बीच बड़ी डील की उम्मीद
अब अच्छी खबर की बारी। दक्षिण कोरिया पहुंचे ट्रंप ने बुधवार को कहा, “…अगर आप भारत और पाकिस्तान को देखें, तो मैं भारत के साथ ट्रेड डील करने वाला हूं। मेरे मन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए बहुत प्यार और सम्मान है…। हमारा रिश्ता बहुत मजबूत है।” ट्रंप का ये बयान सुनकर लग रहा है जैसे बादलों के बीच आसमान साफ होने वाला है।
इससे संकेत मिल रहे हैं कि दोनों देशों के बीच व्यापारिक तनाव जल्द कम हो सकता है। अमेरिका तो रूसी तेल की खरीद पर भारत को निशाना साधता ही रहा है, लेकिन अब डील की बातें गर्म हो रही हैं। क्या ये डील टैरिफ वॉर को खत्म कर देगी? आने वाले दिन बताएंगे।











