Urine Infection Symptoms : यूरिन इंफेक्शन यानी यूटीआई एक आम समस्या है, लेकिन जब इसे समय पर पहचाना और ठीक नहीं किया जाता, तो ये धीरे-धीरे गंभीर रूप ले सकती है।
शुरुआत में हल्के लक्षण नजर आते हैं, लेकिन दिनों के साथ ये बढ़ने लगते हैं और रोजमर्रा की जिंदगी को काफी प्रभावित कर देते हैं। इसलिए इसके शुरुआती संकेतों को समझना बहुत जरूरी है।
पेशाब करते समय जलन – सबसे पहला और आम संकेत
जब पेशाब के दौरान तेज जलन महसूस होने लगे, तो इसे साधारण मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
यह जलन बैक्टीरिया के कारण होती है, जो मूत्रमार्ग में सूजन पैदा करते हैं। यदि यह जलन लगातार बनी रहे, तो UTI गंभीर होने का खतरा बढ़ जाता है।
पेट या पेल्विक एरिया में खिंचाव जैसा दर्द
कई बार यूरिन इंफेक्शन पेट के निचले हिस्से तक दर्द पहुंचा देता है। यह दर्द हल्की चुभन, खिंचाव या भारीपन जैसा महसूस हो सकता है।
रिपीट होने वाला यह दर्द संकेत देता है कि इंफेक्शन मूत्राशय तक फैल रहा है और उचित इलाज की जरूरत है।
बार-बार पेशाब की इच्छा लेकिन पेशाब कम आना
UTI का एक और बड़ा संकेत है—बार-बार पेशाब करने की इच्छा होना। खास बात यह कि पेशाब की मात्रा बहुत ही कम आती है।
लगातार टॉयलेट जाने की इच्छा व्यक्ति को परेशान कर देती है और यह इस बात का इशारा है कि इंफेक्शन मूत्रमार्ग पर असर डालने लगा है।
यूरिन से तेज या अजीब गंध आना
अगर यूरिन में तेज, बदबूदार या अलग तरह की स्मेल आने लगे, तो यह भी यूटीआई का स्पष्ट संकेत है।
अक्सर बैक्टीरिया की वजह से यूरिन की क्वालिटी बदल जाती है और उसमें गंध आने लगती है। यह लक्षण नजरअंदाज करने लायक नहीं होता।
प्राइवेट पार्ट में खुजली या जलन बढ़ना
कई लोग समझ नहीं पाते कि यूरिन इंफेक्शन प्राइवेट पार्ट की स्किन पर भी असर डाल सकता है।
इंफेक्शन बढ़ने पर वहां तीखी खुजली या जलन महसूस होने लगती है। यह गंभीर UTI के संकेतों में से एक है, जिसका तुरंत इलाज होना चाहिए।
बहुत तेज इच्छा लेकिन पेशाब सिर्फ कुछ बूंदें
कई बार पेशाब करने की इच्छा इतनी बढ़ जाती है कि लगता है मूत्राशय पूरी तरह भरा हुआ है। लेकिन टॉयलेट जाने पर सिर्फ कुछ बूंदें ही आती हैं।
यह लक्षण बताता है कि इंफेक्शन अंदर काफी बढ़ चुका है और ब्लैडर पर दबाव डाल रहा है।
क्यों जरूरी है समय पर इलाज?
अगर इन लक्षणों को शुरुआत में ही पहचानकर डॉक्टर से परामर्श लिया जाए, तो UTI आसानी से ठीक हो जाता है।
लेकिन इसे हल्के में लेने पर इंफेक्शन किडनी तक पहुंच सकता है, जिससे स्थिति ज्यादा गंभीर हो जाती है। इसलिए जैसे ही ये संकेत दिखें, तुरंत सही उपचार शुरू करना जरूरी है।











