नई दिल्ली। कांग्रेस नेता उदित राज ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की तुलना संविधान निर्माता बाबा साहेब आंबेडकर से की है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के विचार अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के लिए एक नया रास्ता दिखा सकते हैं। ताल कटोरा स्टेडियम में आयोजित भागीदारी न्याय सम्मेलन में उदित राज ने कहा कि राहुल गांधी की बातों को अगर ओबीसी समुदाय ध्यान से सुने तो वे उनके लिए ‘दूसरे आंबेडकर’ बन सकते हैं।
उन्होंने बताया कि राहुल गांधी जातिगत जनगणना को पूरे देश में लागू करने के पक्षधर हैं, जो समाज की असमानता को कम करने में मदद करेगा। उदित राज ने कहा, “तेलंगाना में जातिगत जनगणना समाज का एक तरह से एक्स-रे है। यह हमारे समाज की सच्चाई को सामने लाएगा। अगर दलित और पिछड़ा वर्ग एकजुट होकर इस दिशा में आगे बढ़े तो देश की अर्थव्यवस्था को भी बल मिलेगा।”
उदित राज ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “ओबीसी समुदाय को यह समझना होगा कि इतिहास बार-बार ऐसे मौके नहीं देता। राहुल गांधी ने सम्मेलन में जो बातें कही हैं, उन पर अमल करें और उनका साथ दें। ऐसा हुआ तो वे ओबीसी के लिए दूसरा आंबेडकर साबित होंगे।”
राहुल गांधी ने शुक्रवार को भागीदारी न्याय सम्मेलन में कहा था कि उनकी पार्टी ने सत्ता में रहते हुए जाति जनगणना नहीं करवाई, जो उनकी एक गलती थी। हालांकि, अब वे इस कमी को सुधारने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कहा, “जाति जनगणना एक राजनीतिक भूकंप की तरह है, जिसने देश की राजनीति को हिलाकर रख दिया है।”
राहुल गांधी का बयान
सम्मेलन को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कहा, “मैं 2004 से राजनीति में हूं। जब मैं अपने काम का मूल्यांकन करता हूं तो पाता हूं कि कुछ क्षेत्रों में अच्छा काम किया, लेकिन कुछ कमियां भी रहीं। आदिवासी, दलित और अल्पसंख्यक समुदायों के लिए मैंने जो किया, उसमें मुझे अच्छे अंक मिल सकते हैं। महिलाओं के मुद्दों पर भी मैंने काम किया।
लेकिन एक कमी साफ दिखती है। मैंने ओबीसी वर्ग के लिए उतना नहीं किया, जितना करना चाहिए था। उस समय मुझे आपके मुद्दों की गहराई समझ नहीं आई थी।”











