Tongue Health : जीभ के रंग को अक्सर लोग नजरअंदाज कर देते हैं। मगर डॉक्टर जब भी चेकअप करते हैं, तो सबसे पहले आपकी जीभ देखते हैं। जीभ की मदद से शरीर के कई हिस्सों की सेहत का अंदाजा लगाया जा सकता है।
सामान्य और स्वस्थ जीभ हल्के गुलाबी रंग की होती है। लेकिन अगर शरीर में कोई समस्या हो, तो जीभ का रंग बदल सकता है। आइए जानते हैं कि जीभ के अलग-अलग रंग किस बीमारी या समस्या की ओर इशारा करते हैं।
हल्का गुलाबी रंग
स्वस्थ जीभ हल्के गुलाबी रंग की होती है। इसमें छोटे-छोटे उभार (पापिले) होते हैं, जो स्वाद महसूस करने और खाने, बोलने व निगलने में मदद करते हैं।
सफेद जीभ
अगर जीभ पर सफेद परत नजर आ रही है, तो यह फंगल इंफेक्शन या मुंह में यीस्ट बैक्टीरिया की बढ़ोतरी का संकेत हो सकता है। ऐसे में सूजन और अन्य संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है।
पीली जीभ
पीली जीभ आमतौर पर मुंह में बैक्टीरिया जमने या खराब ओरल हाइजीन की वजह से होती है। जीभ की सफाई सही तरीके से न करने पर बैक्टीरिया पनपते हैं और जीभ पीली दिखती है।
कभी-कभी यह लीवर या पाचन संबंधी समस्याओं का संकेत भी हो सकता है।
लाल जीभ
अगर जीभ लाल रंग की दिख रही है, तो यह खाने या दवा से एलर्जी, या विटामिन A और B की कमी का संकेत हो सकता है। लाल जीभ होने पर शरीर के पोषण और एलर्जी पर ध्यान देना जरूरी है।
जीभ का रंग बदलना अक्सर छोटे-छोटे हेल्थ इश्यूज की शुरुआत हो सकता है। इसलिए इसे नजरअंदाज न करें और समय-समय पर डॉक्टर से जांच करवाते रहें।











