Aaj Ka Panchang 20 October 2025 : सोमवार का दिन आते ही हवा में त्योहारों की खुशबू घुलने लगी है। 20 अक्टूबर 2025 को कार्तिक कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी है, जो नरक चतुर्दशी के नाम से जानी जाती है। ये दिवाली की पूर्व संध्या है, जब घर-घर दीये जलाने की तैयारी जोरों पर होती है। अगर आप उज्जैन या दिल्ली जैसे शहरों में हैं, तो सूर्योदय सुबह 6:29 बजे होगा और सूर्यास्त शाम 5:53 बजे।
चंद्रोदय सुबह 5:15 बजे और चन्द्रास्त शाम 5:10 बजे रहेगा। ये समय ग्रह-नक्षत्रों की दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं, खासकर जब अमावस्या दोपहर 3:45 बजे से शुरू हो जाएगी। पारंपरिक रूप से, इस दिन नारायण भगवान और माता लक्ष्मी की पूजा का विशेष महत्व माना जाता है, लेकिन याद रखें, ये सब सांस्कृतिक परंपराओं का हिस्सा हैं जो हमें एकजुट रखती हैं।
तिथि, नक्षत्र और योग
आज की तिथि कृष्ण पक्ष चतुर्दशी दोपहर 3:45 बजे तक रहेगी, उसके बाद अमावस्या प्रारंभ हो जाएगी। नक्षत्र हस्त शाम 8:16 बजे तक बना रहेगा, फिर चित्रा नक्षत्र का प्रभाव आएगा। योग की बात करें तो वैधृति रात 2:34 बजे तक चलेगा, जो थोड़ा स्थिर ऊर्जा वाला समय दर्शाता है। करण शकुनि दोपहर 3:45 बजे तक और उसके बाद चतुष्पद रहेगा। चंद्रमा कन्या राशि में गोचर कर रहा है, जबकि सूर्य तुला राशि में है।
दक्षिणायन और शरद ऋतु का संयोग इसे शांतिपूर्ण बनाता है। अगर आपका जन्मांक या मूलांक कैलकुलेशन में रुचि है, तो आज सामान्य रूप से सभी मूलांकों वाले लोगों के लिए ये दिन निर्णय लेने का अच्छा समय हो सकता है, बशर्ते आप रात के शांत घंटों में सोचें। लेकिन ये सिर्फ एक सामान्य सुझाव है – असली मूल्य तो आपके व्यक्तिगत प्रयासों में है।
शुभ मुहूर्त
दिन भर में कई शुभ अवसर हैं। अभिजीत मुहूर्त दोपहर 11:48 से 12:34 बजे तक है, जो पूजा-पाठ या छोटे-मोटे कामों के लिए आदर्श। अमृत काल दोपहर 1:39 से 3:25 बजे तक चलेगा, जिसमें कोई भी सकारात्मक कदम उठाना फायदेमंद लगेगा। ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4:53 से 5:41 बजे तक है, जो ध्यान या योग के लिए बिल्कुल सही।
चौघड़िया की मानें तो दिन में अमृत समय सुबह 6:29 से 7:55 बजे और शाम 4:27 से 5:53 बजे तक मिलेगा। रात का लाभ चौघड़िया रात 10:37 से 12:11 बजे तक रहेगा। ये समय नरक चतुर्दशी की पूजा के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं – सुबह जल्दी उठकर स्नान करें, स्वच्छ कपड़े पहनें और घर को सजाएं। याद रहे, शुभता का असली मतलब है मन की शांति, न कि जटिल रीति-रिवाज।
अशुभ समय
कुछ घंटे ऐसे हैं जहां काम शुरू करने से परहेज बेहतर। राहु काल सुबह 7:55 से 9:20 बजे तक है, तो इस दौरान यात्रा या नया काम टालें। यम गंड दोपहर 10:46 से 12:11 बजे और गुलिकाई दोपहर 1:37 से 3:02 बजे तक रहेगा। दुर्मुहूर्त दोपहर 12:34 से 1:19 और 2:51 से 3:36 बजे तक है। वर्ज्यम समय सुबह 5:10 से 6:57 बजे तक चलेगा।
ये समय आराम करने या हल्के कामों के लिए इस्तेमाल करें, ताकि दिन बिना किसी रुकावट के बीते। खासकर नरक चतुर्दशी पर, जब लोग बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक मनाते हैं, सतर्क रहना जरूरी है।
नरक चतुर्दशी
आज नरक चतुर्दशी का पावन पर्व है, जो भगवान कृष्ण द्वारा नरकासुर के वध की स्मृति में मनाया जाता है। कई जगहों पर इसे दीपावली की शुरुआत माना जाता है, खासकर दक्षिण भारत में। घरों में दीये जलाएं, लक्ष्मी पूजन की तैयारी करें – लेकिन ये सब खुशी और एकता के लिए। अमावस्या का आरंभ दोपहर से होने से कुछ परंपराओं में पूजा का समय थोड़ा बदल सकता है, लेकिन मुख्य बात है परिवार के साथ समय बिताना।
अगर आप मूलांक के आधार पर सोच रहे हैं, तो आज सभी मूलांकों के लिए ये दिन नई शुरुआत का संकेत देता है, जैसे बुरे विचारों से मुक्ति। कुल मिलाकर, ये दिन हमें याद दिलाता है कि छोटी-छोटी सकारात्मक आदतें जीवन को रोशन कर सकती हैं।











