Swollen Toes In Winter : सर्दियों का मौसम अपनी ठंडक के साथ कई स्वास्थ्य समस्याएं भी लाता है। इनमें सबसे आम समस्या है पैरों और हाथों की उंगलियों में सूजन, लालिमा और खुजली।
इस स्थिति को चिकित्सा में चिलब्लेन्स (Pernio/Chilblains) कहा जाता है। चिलब्लेन्स, ठंडे मौसम में त्वचा और नसों पर होने वाली प्रतिक्रिया है, जिससे त्वचा लाल, सूजी हुई और दर्दनाक हो जाती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि महिलाएं इस समस्या की शिकार पुरुषों की तुलना में अधिक होती हैं। यह स्थिति विशेष रूप से उन लोगों में ज्यादा देखने को मिलती है, जो लंबे समय तक ठंड के संपर्क में रहते हैं।
चिलब्लेन्स के लक्षण
- त्वचा में बर्निंग या जलन जैसी सनसनी
- त्वचा का रंग लाल से डार्क ब्लू होना
- पैरों और हाथों में छोटे-छोटे लाल और खुजली वाले पैच
- ठंडे मौसम में ब्लड सर्कुलेशन प्रभावित होने के कारण त्वचा अधिक संवेदनशील होना
- टाइट कपड़े या जूते पहनने से समस्या बढ़ना
- कम वजन वाले लोगों में जोखिम ज्यादा होना
- ठंडी हवा के लंबे संपर्क से समस्या और गंभीर होना
सर्दियों में पैरों और हाथों की सुरक्षा के उपाय
वूलन मोजे पहनें
ऊनी मोजे पैरों को गर्म रखते हैं और पसीने को सोखने में मदद करते हैं। इससे पैरों की त्वचा लंबे समय तक सुखी और सुरक्षित रहती है।
सही जूतों का चुनाव करें
जूतों की फिटिंग सही होनी चाहिए। ढीले या बहुत टाइट जूते पैरों में रक्त संचार को प्रभावित कर सकते हैं और सूजन बढ़ा सकते हैं।
गर्म पानी और नमक से सिंकाई
रोजाना गर्म पानी में थोड़ा सा नमक डालकर हाथ-पैरों को भिगोने से सूजन कम होती है और रक्त संचार बढ़ता है।
कैलामाइन लोशन या तेल का उपयोग
खुजली और सूजन कम करने के लिए कैलामाइन लोशन या हल्का गर्म तेल लगाना फायदेमंद है।
खुजली से बचें
खुजली होने पर सीधे नाखून का इस्तेमाल न करें। पैच वाली जगह को हल्के हाथों से सहलाएं। खुजलाने से संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है।
गर्म कपड़े और ढकाव का इस्तेमाल
ठंड में पैरों और हाथों को हमेशा ढककर रखें। इससे त्वचा की सुरक्षा होती है और चिलब्लेन्स की संभावना कम होती है।
डॉक्टर की सलाह लें
अगर समस्या लगातार बढ़ रही है या लालिमा और सूजन ज्यादा हो रही है, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। यह त्वचा संक्रमण या अन्य गंभीर रोग का संकेत हो सकता है।
घरेलू नुस्खे जो तुरंत राहत देते हैं
आलिव ऑइल या नारियल तेल से मालिश: पैरों में हल्की मालिश से रक्त संचार बढ़ता है और त्वचा नरम रहती है।
गर्म स्नान: पूरे शरीर को गर्म पानी से स्नान करने से शरीर का तापमान संतुलित रहता है और पैरों में खून का संचार बेहतर होता है।
हर्बल चाय या जड़ी-बूटियों का सेवन: अदरक, दालचीनी और लौंग जैसी हर्बल चीजें शरीर के अंदरूनी तापमान को बढ़ाकर सर्दी से बचाती हैं।
सर्दियों में पैरों की सही देखभाल न केवल चिलब्लेन्स को रोकती है बल्कि आपको पूरे मौसम में आराम और स्वास्थ्य भी देती है।











