Sweat Health Signs : हम अक्सर गर्मी या धूप में रहने पर पसीने को सिर्फ शरीर को ठंडा रखने वाला एक सामान्य तरीका समझते हैं। लेकिन सच यह है कि पसीना हमारे शरीर की कई छिपी गतिविधियों के बारे में भी संकेत देता है।
यह न केवल तापमान को नियंत्रित रखता है, बल्कि शरीर से टॉक्सिन्स को बाहर निकालने में भी मदद करता है। कई बार पसीना कम या ज्यादा आने से हमारी सेहत में बदलाव का भी पता चलता है।
कब समझें कि पसीना बिल्कुल सामान्य है
गर्मी बढ़ने, एक्सरसाइज करने या तेज गतिविधि के दौरान जो हल्का और पानी जैसा पसीना निकलता है, वह पूरी तरह सामान्य माना जाता है। इसे एक्रिन स्वेट कहा जाता है।
यह शरीर को ओवरहीटिंग से बचाने के लिए निकलता है और लगातार आपको कूल रखने में मदद करता है। अगर पसीना सूखने के बाद त्वचा पर हल्के सफेद निशान दिखें, तो यह शरीर में पानी की कमी यानी डिहाइड्रेशन की ओर संकेत हो सकता है।
ऐसे में आपको तुरंत पानी और तरल पदार्थों का सेवन बढ़ा देना चाहिए।
बहुत ज्यादा पसीना: यह स्थिति खतरे का संकेत भी बन सकती है
कई लोग बिना किसी गतिविधि के भी अत्यधिक पसीना बहाते हैं। अगर आपको भी ऐसा महसूस होता है, तो यह हाइपरहाइड्रोसिस नामक स्थिति का संकेत हो सकता है।
इसमें पसीने की ग्रंथियां जरूरत से ज्यादा सक्रिय हो जाती हैं। यह अक्सर नसों, हार्मोन्स या शरीर के आंतरिक असंतुलन की वजह से भी हो सकता है। इसलिए इस तरह का पसीना लंबे समय तक नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
तनाव या घबराहट में आने वाला पसीना
जब शरीर मानसिक तनाव, घबराहट या डर की स्थिति से गुजरता है, तब एक अलग तरह का पसीना निकलता है। इसे एपोक्राइन स्वेट कहा जाता है। यह सामान्य पसीने की तुलना में थोड़ा गाढ़ा होता है, और इसमें वसा तत्व भी शामिल होते हैं।
यह आमतौर पर बगल, सिर की त्वचा और कमर के पीछे उगने वाले बालों की जड़ों से आता है। तनाव का स्तर जितना बढ़ता है, यह पसीना भी उतना अधिक महसूस होता है।
कम पसीना आना भी किसी समस्या का संकेत हो सकता है
अगर आपको गर्मी या एक्सरसाइज के दौरान भी पसीना बहुत कम आता है, तो इसे हल्के में न लें। यह एनहाइड्रोसिस की तरफ इशारा हो सकता है, जिसमें शरीर पसीना बनाने में असमर्थ हो जाता है।
ऐसी स्थिति में शरीर का तापमान अचानक बढ़ सकता है, जो कई बार खतरनाक भी साबित होता है। इसलिए कम पसीना आना भी उतना ही गंभीर संकेत है जितना अधिक पसीना आना।
पसीने की गंध से भी कई बातें पता चलती हैं
आमतौर पर पसीने की गंध बैक्टीरिया की वजह से आती है, जो त्वचा पर पसीने के साथ मिलकर बदबू पैदा करते हैं। लेकिन अगर पसीने से अचानक बहुत तेज, खट्टी या अलग तरह की गंध आने लगे, तो यह डायबिटीज, थायरॉयड, या हार्मोनल असंतुलन का संकेत भी हो सकता है।
इस तरह की गंध लंबे समय तक बनी रहने पर डॉक्टर से जांच जरूर करवानी चाहिए।
पसीने का रंग बदले तो तुरंत ध्यान दें
पसीना सामान्यतः साफ या हल्का पीला रंग लिए होता है। लेकिन अगर पसीने का रंग नीला, गहरा पीला या लाल दिखाई दे, तो यह क्रोमहाइड्रोसिस नामक दुर्लभ स्थिति की ओर संकेत दे सकता है।
कई बार कुछ विशेष बैक्टीरिया भी पसीने के साथ प्रतिक्रिया करके पीले या नीले रंग के दाग पैदा कर सकते हैं। इसलिए अगर कभी पसीने का रंग असामान्य लगे, तो इसे बिल्कुल नजरअंदाज न करें।
आपके शरीर से निकलने वाला पसीना सिर्फ एक प्राकृतिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि स्वास्थ्य का एक संकेतक भी है। यह बताता है कि आपका शरीर कितना संतुलित है, आप कितना हाइड्रेटेड हैं, और कहीं कोई बीमारी तो चुपचाप दस्तक नहीं दे रही।
इसलिए अगली बार जब पसीना आए, तो इसे सिर्फ परेशानी न समझें—यह आपके स्वास्थ्य के कई राज भी खोल सकता है।











