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September Ekadashi Date 2025 : सितंबर 2025 की पहली एकादशी पर बन रहे तीन शुभ संयोग, जानें पूजन विधि और व्रत मुहूर्त

By Rajat Sharma

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September Ekadashi Date 2025 : हिंदू धर्म में एकादशी व्रत का अत्यंत पावन महत्व बताया गया है। यह व्रत भगवान विष्णु को समर्पित होता है और मान्यता है कि इसे करने से साधक के सभी पाप मिट जाते हैं तथा उसे मोक्ष की प्राप्ति होती है।

एक वर्ष में कुल 24 एकादशियां आती हैं, जिनमें से हर एक का अलग महत्व और फल माना जाता है।

सितंबर माह की पहली एकादशी – परिवर्तिनी एकादशी

भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी को परिवर्तिनी एकादशी कहते हैं। इसे पद्मा एकादशी, पार्श्व एकादशी या जलझूलनी एकादशी के नाम से भी जाना जाता है।

धार्मिक मान्यता है कि इस दिन भगवान विष्णु योगनिद्रा में करवट बदलते हैं, इसलिए इसका नाम परिवर्तिनी पड़ा।

इस वर्ष 2025 में यह व्रत 3 सितंबर, बुधवार को रखा जाएगा। यही सितंबर माह की पहली एकादशी होगी।

पूजन और शुभ मुहूर्त

पंचांग के अनुसार, एकादशी तिथि 3 सितंबर को सुबह 03:53 बजे से प्रारंभ होगी और 4 सितंबर को सुबह 04:21 बजे तक रहेगी।

इस दिन पूजा का ब्रह्म मुहूर्त प्रातः 04:30 से 05:15 बजे तक सर्वोत्तम माना गया है।

साथ ही रवि योग सुबह 06 बजे से रात 11:08 बजे तक रहेगा, जो पूजा-अर्चना के लिए अत्यंत शुभ है।

विशेष योग का संयोग

इस परिवर्तिनी एकादशी पर रवि योग, आयुष्मान योग और सौभाग्य योग का विशेष मेल बन रहा है।

शास्त्रों के अनुसार, इन योगों में किए गए धार्मिक कार्य शुभ फल प्रदान करते हैं और मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।

व्रत पारण का समय

परिवर्तिनी एकादशी का व्रत 4 सितंबर 2025 को पारण किया जाएगा। इस दिन व्रत तोड़ने का शुभ समय दोपहर 01:36 से 04:07 बजे तक है।

व्रती इसी समय व्रत का समापन कर सकते हैं।

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