फेक न्यूज फैलाने वालों की अब खैर नहीं, यात्रा के दौरान सोशल मीडिया सेल रहेगा अलर्ट
देहरादून (ब्यूरो) : उत्तराखंड में आगामी चारधाम यात्रा 2026 को लेकर पुलिस महकमा पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है। गढ़वाल रेंज के आईजी राजीव स्वरूप ने रेंज के सभी जिला प्रभारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कर सुरक्षा और सुचारू व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए हैं। आईजी ने स्पष्ट किया कि धामों के कपाट खुलने से पहले सभी तैयारियां हर हाल में मुकम्मल होनी चाहिए ताकि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को किसी भी बाधा का सामना न करना पड़े।
यात्रा को सुगम बनाने के लिए सभी जिलों के एसपी और एसएसपी को अपने-अपने क्षेत्रों में होल्डिंग एरिया चिन्हित करने को कहा गया है। यह होल्डिंग एरिया भीड़ प्रबंधन में अहम भूमिका निभाएंगे, जिसके लिए संबंधित विभागों से समन्वय कर बुनियादी सुविधाएं जुटाने की जिम्मेदारी पुलिस कप्तानों को सौंपी गई है। यात्रा के दौरान अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की जाएगी, जिनके ठहरने और मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था समय से पूर्व करने के आदेश दिए गए हैं।
क्षेत्रीय स्तर पर बेहतर तालमेल बनाने के लिए थाना प्रभारियों को विशेष जिम्मेदारी दी गई है। सभी थाना प्रभारियों को अपने इलाके के व्यापार संघों, टैक्सी यूनियनों और होटल व्यवसायियों के साथ अनिवार्य रूप से बैठकें करने के निर्देश मिले हैं। पुलिस का मानना है कि स्थानीय स्टेकहोल्डर्स के सहयोग से ही यातायात और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूती दी जा सकती है।
आईजी ने सोशल मीडिया पर होने वाली गतिविधियों को लेकर सख्त रुख अपनाया है। यात्रा के दौरान किसी भी तरह की अफवाह या भ्रामक सूचना को रोकने के लिए जिला स्तर पर सोशल मीडिया मॉनिटरिंग सेल को 24 घंटे अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए हैं। गलत जानकारी फैलाने वालों पर पुलिस त्वरित कानूनी कार्रवाई करेगी। थाना प्रभारियों को खुद फील्ड में उतरकर व्यवस्थाओं का जायजा लेने को कहा गया है।
इस महत्वपूर्ण बैठक में हरिद्वार एसएसपी नवनीत भुल्लर, पौड़ी एसएसपी सर्वेश पंवार और टिहरी एसएसपी आयुष अग्रवाल मौजूद रहे। इनके अलावा चमोली एसपी सुरजीत पंवार, रुद्रप्रयाग एसपी सुश्री निहारिका तोमर, उत्तरकाशी एसपी कमलेश उपाध्याय और देहरादून ग्रामीण की एसपी जया बलूनी ने भी वीसी के माध्यम से यात्रा सुरक्षा प्लान पर अपनी रिपोर्ट साझा की।
ऐतिहासिक रूप से चारधाम यात्रा के दौरान ऋषिकेश, मुनि की रेती और व्यासी जैसे इलाकों में ट्रैफिक का दबाव सबसे अधिक रहता है। सूत्रों के अनुसार, इस बार पुलिस ड्रोन सर्विलांस और एआई-बेस्ड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम का उपयोग करने पर भी विचार कर रही है, जिससे संकरे पहाड़ी रास्तों पर लगने वाले जाम से निजात मिल सके। पिछले वर्षों के अनुभव को देखते हुए इस बार पार्किंग और रिस्पांस टाइम को बेहतर बनाने पर विशेष फोकस है।






