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SEBI IPO Proposal : सेबी ने आसान बनाया आईपीओ निवेश, कंपनियों को देना होगा छोटा सारांश

By Rajat Sharma

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SEBI IPO Proposal : इन दिनों IPO बाजार में जबरदस्त हलचल है। बीते हफ्तों में Lenskart और Grow के इश्यू मार्केट में ओपन हुए, जिनकी चर्चा हर तरफ हो रही है। आने वाले हफ्ते में भी PhysicsWallah सहित 7 नए इश्यू बाजार में ओपन होने वाले हैं।

IPO में निवेश करते समय आम निवेशक के मन में कंपनी से जुड़े ढेर सारे सवाल उठते हैं। मसलन, IPO की साइज क्या है, कंपनी का फंडामेंटल कैसा है। इन सभी जानकारियों के लिए निवेशक कई बार एक्सपर्ट के पास भी जाते हैं।

सेबी ने बनाया निवेशकों के लिए आसान प्लान

लेकिन अब सेबी ने निवेशकों की मुश्किलें दूर करने के लिए बड़ा कदम उठाया है। मार्केट रेगुलेटर ने IPO प्रक्रिया को और आसान बनाने के लिए एक नया प्रस्ताव पेश किया है। इसके तहत कंपनियों को एक अलग ऑफर डॉक्युमेंट समरी जारी करनी होगी, जिसमें कम शब्दों में सबसे जरूरी जानकारी दी जाएगी। इसके अलावा, IPO से पहले गिरवी रखे गए शेयरों से जुड़ी प्रक्रिया को सरल बनाने की भी योजना है।

सेबी ने बताया कि मौजूदा ऑफर डॉक्युमेंट काफी बड़ा और जटिल होता है, जिसके कारण आम निवेशक इसे पढ़ने से कतराते हैं। नतीजतन, वे IPO से जुड़ी महत्वपूर्ण बातों को पूरी तरह समझ नहीं पाते और दस्तावेजों पर अपनी प्रतिक्रिया भी सही तरीके से नहीं दे पाते।

आमतौर पर ऑफर डॉक्युमेंट में कंपनी की इंडस्ट्री, बिजनेस मॉडल, आर्थिक स्थिति, चल रहे मामले, मैनेजमेंट की राय, नियम-कानून और तकनीकी जानकारियां विस्तार से शामिल होती हैं। ये सभी पब्लिक इश्यू से जुड़ी अहम जानकारियों का खुलासा करती हैं और इसी आधार पर रेगुलेटर जांच करता है।

गलत सूचनाओं पर कम होगा भरोसा

सेबी ने कहा कि आम निवेशक अक्सर निवेश का फैसला ग्रे मार्केट ट्रेंड या सोशल मीडिया की अधूरी जानकारी के आधार पर लेते हैं, जो कई बार गलत साबित होती है। यदि कंपनी खुद मुख्य जानकारी का संक्षिप्त और मानकीकृत सारांश उपलब्ध कराए, तो निवेशक गैर-रेगुलेटेड सोर्स पर कम निर्भर होंगे। सेबी के अनुसार, ऑफर डॉक्युमेंट बड़ा होने के कारण अहम जानकारी अलग-अलग हिस्सों में बिखरी रहती है।

इसलिए एक स्टैंडर्डाइज्ड समरी अनिवार्य करने से जानकारी तक पहुंच आसान होगी और निवेशकों को बेहतर समझ मिलेगी। इस प्रस्ताव पर सेबी ने 4 दिसंबर तक आम लोगों से सुझाव मांगे हैं।

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