Rashtrapati Bhavan Public Access : अब राष्ट्रपति भवन सिर्फ देश के सर्वोच्च पद का निवास नहीं रहा, बल्कि सचमुच ‘राष्ट्र का घर’ बन गया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की खास पहल के बाद यहां पहले से कहीं ज्यादा लोग घूमने आ रहे हैं।
कोविड से पहले जहां हर साल करीब 7 लाख लोग राष्ट्रपति भवन देखने पहुंचते थे, वहीं 2024 में यह आंकड़ा बढ़कर 20.5 लाख तक जा पहुंचा। यानी राष्ट्रपति भवन अब वाकई ‘जनता का भवन’ बन चुका है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के कार्यकाल में पहली बार देश के तीनों राष्ट्रपति आवास – हैदराबाद, देहरादून और शिमला – आम जनता के लिए खोल दिए गए हैं। राष्ट्रपति भवन की ऑनलाइन बुकिंग प्रणाली को भी बेहद आसान बना दिया गया है।
हैदराबाद में पूरे साल खुला राष्ट्रपति निलयम
हैदराबाद का राष्ट्रपति निलयम, जो पहले सिर्फ जनवरी में 15 दिनों के लिए जनता को दिखता था, अब पूरे साल खुला रहता है। 97 एकड़ में फैले इस खूबसूरत परिसर को कभी राष्ट्रपति का सर्दियों का घर कहा जाता था। अब यह सिर्फ तब बंद होता है, जब राष्ट्रपति खुद वहां होती हैं।
देहरादून का राष्ट्रपति निकेतन पहली बार जनता के लिए खुला
देहरादून में स्थित राष्ट्रपति निकेतन को इस साल जून 2024 में पहली बार आम लोगों के लिए खोला गया। यहां 132 एकड़ में फैला राष्ट्रपति उद्यान भी है, जिसे अगले साल जुलाई 2025 से एक पब्लिक पार्क की तरह सबके लिए खोलने की तैयारी है। ब्रिटिश राज में 1838 में बना यह परिसर दिल्ली के वायसराय के घोड़ों और ऊंटों को गर्मी से बचाने के लिए इस्तेमाल होता था।
लेकिन 186 सालों तक यहां आम आदमी की एंट्री बैन थी। परिसर तीन हिस्सों में बंटा है – राष्ट्रपति निकेतन, राष्ट्रपति उद्यान और राष्ट्रपति तपोवन।
शिमला का 175 साल पुराना राष्ट्रपति निवास
शिमला स्थित राष्ट्रपति निवास अप्रैल 2023 से जनता के लिए खुला हुआ है। यह कभी राष्ट्रपति का समर रिट्रीट था। 1850 में बना यह भवन अब 175 साल पुराना हो चुका है।
दिल्ली राष्ट्रपति भवन में भी जबरदस्त क्रेज
दिल्ली के राष्ट्रपति भवन में अब हफ्ते में छह दिन आम लोग घूम सकते हैं। यहां राष्ट्रपतियों का संग्रहालय, अमृत उद्यान और चेंज ऑफ गार्ड सेरेमनी देखने का मजा लेते हैं लोग। अमृत उद्यान साल में दो बार 90-90 दिनों के लिए खुलता है। और तो और, राष्ट्रपति भवन का डिजिटल टूर भी हिट है – 2024 में इसे 49 लाख लोगों ने ऑनलाइन एंजॉय किया।











