देहरादून : “Safe Drugs: Safe Life” अभियान के तहत जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की टीम ने चंद्रनगर (प्रिंस चौक के निकट) की तीन थोक मेडिकल फर्मों पर संयुक्त छापेमारी की। निरीक्षण में दवाओं का घिनौना रखरखाव, फंगस लगी पेटियां, एक्सपायरी दवाओं की अव्यवस्था और नियमों की खुली अवहेलना मिलने पर मेडिकोन फार्मा व वेलकम डिस्ट्रीब्यूटर पर दवा वितरण पर अग्रिम आदेश तक रोक लगा दी गई।
उत्तराखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, नैनीताल व जिला न्यायाधीश प्रेम सिंह खिमाल के निर्देश पर सचिव सीमा डुंगराकोटी के नेतृत्व में ड्रग प्रशासन की टीम ने प्रो. वैशाली अरोड़ा की मेडिकोन फार्मा व मैनकाइंड प्राइम लैब प्राइवेट लिमिटेड तथा प्रो. प्रमोद कुमार अरोड़ा की वेलकम डिस्ट्रीब्यूटर का औचक निरीक्षण किया। टीम में वरिष्ठ औषधि निरीक्षक मनेंद्र सिंह राणा, विनोद जगुड़ी समेत हरिद्वार, चमोली व टिहरी के निरीक्षक भी शामिल थे।
निरीक्षण में भयावह लापरवाही सामने आई। मेडिकोन फार्मा व वेलकम डिस्ट्रीब्यूटर में दवाएं फर्श पर बिखरी पड़ीं, दीवारें-फर्श पर सीलन व फंगस की मार। एक्सपायरी दवाओं को अलग रखने की कोई व्यवस्था नहीं, बल्कि 2-3 साल पुरानी एक्सपायरी दवाएं व सर्जिकल ग्लव्स गिफ्ट आइटम्स के साथ तीसरी मंजिल पर मिलीं। मैनकाइंड प्राइम लैब में दवाएं धूप में रखीं, जबकि पैकेट पर ही चेतावनी थी। नारकोटिक्स दवाओं का रिकॉर्ड चेक करने पर स्टोर मालिकों के पास निस्तारण प्रक्रिया की जानकारी तक नहीं मिली, जबकि वे 20 साल से कारोबार चला रहे हैं।
टीम ने तीनों फर्मों से 8 दवाओं के नमूने जब्त किए, सफाई व व्यवस्था के सख्त निर्देश दिए। मेडिकोन व वेलकम पर गंदगी व भंडारण लापरवाही को जनस्वास्थ्य से खिलवाड़ बताते हुए वितरण प्रतिबंधित कर दिया। सीमा डुंगराकोटी ने चेतावनी दी, “ऐसी लापरवाही बर्दाश्त नहीं। नोटिस जारी, समयबद्ध सुधार न होने पर लाइसेंस रद्द व सीलिंग होगी।” अभियान आगे जारी रहेगा।






