Pukhraj Vastu : पुखराज को ज्योतिष में बेहद प्रभावशाली माना गया है। इसे पहनने से बृहस्पति ग्रह की ऊर्जा मजबूत होती है और व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक बदलाव आते हैं।
लेकिन असली पुखराज और नकली पत्थरों के बीच फर्क करना हर किसी के लिए आसान नहीं है। मार्केट में पीला टोपाज और अन्य नकली स्टोन्स इस कदर मिलते हैं कि शुरुआत में उन्हें असली समझना मुश्किल हो जाता है।
गलत पत्थर पहनना न सिर्फ आर्थिक नुकसान करता है बल्कि उसके ज्योतिषीय लाभ भी नहीं मिलते। आजकल ऑनलाइन शॉप्स से लेकर लोकल ज्वैलर्स तक, पीले रंग के पत्थरों की भरमार है।
कई बार दुकानदार खुद भी असली और नकली में फर्क नहीं कर पाते या जानबूझकर कस्टमर को भ्रमित कर देते हैं। ऐसे में जरूरी है कि आप खुद थोड़ा जागरूक हों ताकि आपकी मेहनत की कमाई सही जगह निवेश हो।
हल्की दूधिया चमक से पहचानें असली पुखराज
असली पुखराज की सबसे खास पहचान उसकी चमक होती है। यह पत्थर हल्की दूधिया ग्लो देता है, जो नेचुरल और सौम्य नजर आती है। इसके विपरीत पीला टोपाज या अन्य नकली पत्थर बहुत तेज और कांच जैसी चुभती हुई चमक देते हैं।
अगर आप पत्थर को हल्की रोशनी में घुमाएं और उसकी चमक तेज लगे, तो समझ जाएं कि यह पुखराज नहीं है।
इनक्लूजन से मिलेगी असली पुखराज की पुष्टि
प्राकृतिक पुखराज में छोटे-छोटे धब्बे या लाइन्स दिखाई देती हैं, जिन्हें इनक्लूजन कहते हैं। ये इस बात का प्रमाण हैं कि पत्थर असली है और लैब में नहीं बनाया गया।
वहीं, पीला टोपाज लगभग पूरी तरह से क्लियर और ग्लास जैसा होता है। अगर पत्थर एकदम साफ दिख रहा है, तो उसकी नकली होने की संभावना अधिक होती है।
वजन से करें पत्थर की जाँच
असली पुखराज हाथ में पकड़ते ही थोड़ा भारी महसूस होता है। इसका घनत्व और ठोसपन पीले टोपाज से ज्यादा होता है।
अगर पत्थर हाथ में हल्का लगे, तो यह संकेत है कि पत्थर नकली हो सकता है। हमेशा एक ही साइज के पत्थरों का तुलना करके देखना सही रहता है।
गर्मी पर टेस्ट करें रंग की स्थिरता
असली पुखराज हीट रेसिस्टेंट होता है। इसे हल्की गर्मी दें, जैसे हथेली में रखें, और देखें कि रंग वैसा ही बना रहे। नकली पीला टोपाज हल्की गर्मी में भी अपनी चमक या टोन बदल सकता है।
सीधे आग पर टेस्ट करने की आवश्यकता नहीं है, बस हल्की हथेली की गर्मी से फर्क समझा जा सकता है।
रेट और सर्टिफिकेट से बचें धोखे से
असली पुखराज सस्ता नहीं होता, खासकर 5 रत्ती से ऊपर का। अगर कोई कम दाम में “असली पुखराज” बेच रहा है, तो 90% संभावना है कि वह पीला टोपाज या ग्लास है। हमेशा सर्टिफिकेट के साथ ही खरीदें। बिना बिल और प्रमाण पत्र के पत्थर लेना जोखिम भरा साबित हो सकता है।
असली पुखराज पहनना सिर्फ सौंदर्य या ज्योतिषीय लाभ के लिए ही नहीं, बल्कि यह आपकी मेहनत की कमाई की सुरक्षा भी करता है।
ऊपर बताए गए सरल तरीकों से आप आसानी से असली और नकली पुखराज में फर्क कर पाएंगे और सही निर्णय लेकर लाभ उठा सकते हैं।











