देहरादून (ब्यूरो)। देहरादून के सिल्वर सिटी इलाके में शुक्रवार शाम को एक सनसनीखेज वारदात ने पूरे शहर को हिला दिया। थाना डालनवाला क्षेत्र में अज्ञात बदमाशों ने एक शख्स को गोलियों से छलनी कर दिया। मृतक की पहचान विक्रम शर्मा के रूप में हुई है, जो मूल रूप से झारखंड के जमशेदपुर का रहने वाला था। वह अमन विहार, सहस्त्रधारा रोड पर रहता था। यह घटना न सिर्फ स्थानीय सुरक्षा पर सवाल खड़ी करती है, बल्कि आपराधिक गिरोहों की घुसपैठ को भी उजागर करती है।
विक्रम का क्रिमिनल रिकॉर्ड लंबा है। झारखंड पुलिस के रिकॉर्ड्स बताते हैं कि उसके खिलाफ कई हत्या के केस दर्ज हैं। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि वह कई गैंगस्टरों के संपर्क में था। विशेषज्ञों का मानना है कि यह हत्या गैंगवार का नतीजा हो सकती है। पूर्व पुलिस अधिकारी डॉ. अजय सिंह कहते हैं, “ऐसे मामलों में 70% हत्याएं पुरानी रंजिश या टर्फ वॉर से होती हैं। देहरादून जैसे शहरों में बाहरी गैंग्स की घुसपैठ बढ़ रही है, जो प्रॉपर्टी और खनन माफिया से जुड़ी है।”
आईजी गढ़वाल रेंज राजीव स्वरूप ने खुद घटनास्थल का मुआयना किया और अपराधियों को जल्द पकड़ने के सख्त निर्देश दिए। पुलिस ने विक्रम के परिवार से पूछताछ शुरू कर दी है। झारखंड और उत्तराखंड में विशेष टीमें गठित की गई हैं, जो सीसीटीवी फुटेज और गवाहों से सुराग जुटा रही हैं। डीजीपी के मुताबिक, “हम 48 घंटे में ब्रेकथ्रू की उम्मीद कर रहे हैं।”
पुलिस अब कमर कस रही है। थाना क्षेत्रों में सीओ की अगुवाई में चेकिंग चल रही है। 14 फरवरी से 15 दिनों का स्पेशल ड्राइव शुरू हो रहा है, जिसमें प्रॉपर्टी डीलर, बिल्डर्स और खनन कारोबारियों का वेरिफिकेशन होगा। पिछले साल देहरादून में ऐसे 12 गैंगस्टर गिरफ्तार हुए थे, जो इसी तरह के धंधों में सक्रिय थे। यह कदम अपराध दर को 20-25% कम करने में मददगार साबित हो सकता है।
देहरादून जैसे पर्यटन केंद्र में गैंगवार बढ़ना शहर की छवि को नुकसान पहुंचाता है। निवासियों की सुरक्षा खतरे में पड़ रही है, खासकर सहस्त्रधारा जैसे इलाकों में। अगर समय रहते काबू न किया गया, तो यह पर्यटन और रियल एस्टेट पर बुरा असर डालेगा। लेकिन पुलिस की सक्रियता से उम्मीद बंध रही है कि शहर फिर सुरक्षित बनेगा।







