PIA Engineers Strike : पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस (PIA) इन दिनों गहरे संकट में फंस गई है। एयरक्राफ्ट इंजीनियरों ने फ्लाइट्स को एयरवर्दीनेस क्लियरेंस देना पूरी तरह बंद कर दिया है, जिससे पूरे देश में एयरलाइन की उड़ानें ठप हो गई हैं। यात्रियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं और एयरपोर्ट्स पर हंगामा मचा हुआ है।
कोई इंटरनेशनल फ्लाइट नहीं उड़ी, 12 उड़ानें कैंसल
सोमवार रात 8 बजे के बाद से एक भी इंटरनेशनल फ्लाइट रवाना नहीं हुई है। सूत्रों की मानें तो अब तक कम से कम 12 निर्धारित उड़ानें प्रभावित हो चुकी हैं। सैकड़ों यात्री फंस गए हैं, जिनमें उमरा जाने वाले जायरीन भी शामिल हैं। इस्लामाबाद, कराची और लाहौर जैसे बड़े एयरपोर्ट्स पर यात्रियों की भीड़ जमा है और हर कोई परेशान नजर आ रहा है।
इंजीनियरों का गुस्सा: CEO का रवैया बदलो, तभी लौटेंगे काम पर
सोसाइटी ऑफ एयरक्राफ्ट इंजीनियर्स ऑफ पाकिस्तान (SAEP) ने साफ कह दिया है कि उनके सदस्य तब तक काम पर नहीं लौटेंगे, जब तक एयरलाइन का सीईओ अपना रवैया नहीं बदलता। यूनियन का आरोप है कि प्रबंधन पिछले दो महीनों से उनकी शिकायतों को अनदेखा कर रहा है।
इंजीनियरों की नाराजगी की बड़ी वजह है कि उन्हें पिछले आठ सालों से कोई वेतन वृद्धि नहीं मिली है। ऊपर से स्पेयर पार्ट्स की भारी कमी है, फिर भी फ्लाइट्स क्लियर करने का दबाव डाला जा रहा है। यूनियन ने चेतावनी दी, “हम यात्रियों की जान जोखिम में डालकर प्रबंधन के आदेश नहीं मान सकते।”
CEO का पलटवार: हड़ताल अवैध, प्राइवेटाइजेशन को नुकसान पहुंचाने की साजिश
वहीं, PIA के सीईओ ने इंजीनियरों की हड़ताल को “अवैध” बता दिया है। उनका कहना है कि यह पाकिस्तान एसेंशियल सर्विसेज एक्ट 1952 के खिलाफ है और पूरी तरह गैरकानूनी। सीईओ ने दावा किया कि हड़ताल का असली मकसद एयरलाइन के चल रहे प्राइवेटाइजेशन प्रोसेस को पटरी से उतारना है।
प्रबंधन की कोशिशें: दूसरी एयरलाइंस से मदद लेने की तैयारी
एयरलाइन प्रबंधन अब दूसरे कैरियर्स से इंजीनियरिंग सपोर्ट लेने की जुगत में लगा है, ताकि जल्द से जल्द फ्लाइट ऑपरेशंस शुरू हो सकें। लेकिन फिलहाल PIA का पूरा फ्लाइट शेड्यूल ठप पड़ा है। स्थिति जल्द सामान्य होने के कोई संकेत नहीं दिख रहे और यात्रियों को अभी इंतजार करना पड़ रहा है।











