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New Rent Agreement 2025 : बिना नोटिस मकान खाली नहीं करवा सकेंगे मालिक

By Rajat Sharma

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New Rent Agreement 2025 : रोजगार और पढ़ाई के लिए अपना घर-गाँव छोड़कर बड़े शहरों में आने वालों की संख्या हर साल बढ़ती जा रही है। ज्यादातर लोग किराए के मकान में रहते हैं और इसी के साथ मकान मालिक-किराएदार के बीच झगड़े भी आम हो गए हैं। कभी सिक्योरिटी डिपॉजिट वापस नहीं मिलता, तो कभी बिना नोटिस घर खाली करवाने का फरमान सुना दिया जाता है।

लेकिन अब इन सब पर ब्रेक लगने वाला है। सरकार ने New Rent Agreement 2025 के तहत नए नियम लागू कर दिए हैं, जो Model Tenancy Act (MTA) और हालिया बजट के प्रावधानों पर आधारित हैं। ये नियम किराएदारों को भी राहत देंगे और मकान मालिकों को भी फायदा पहुंचाएंगे।

रेंट एग्रीमेंट रजिस्ट्रेशन अब अनिवार्य – देरी पड़ेगी महंगी

अब तक लोग New Rent Agreement 2025 तो बना लेते थे, लेकिन रजिस्ट्रेशन कराने में आलस करते थे। नया नियम आते ही ये ढील पूरी तरह खत्म हो गई। एग्रीमेंट साइन होने के सिर्फ दो महीने के अंदर उसका रजिस्ट्रेशन कराना अब जरूरी है।

आप अपने राज्य की ऑनलाइन प्रॉपर्टी पोर्टल या नजदीकी रजिस्ट्रार ऑफिस में जाकर आसानी से New Rent Agreement.= 2025 रजिस्टर करवा सकते हैं। अगर समय पर रजिस्ट्रेशन नहीं हुआ तो 5,000 रुपये तक का जुर्माना दोनों पक्षों पर लग सकता है। इससे हर किराएदारी का कानूनी रिकॉर्ड रहेगा और भविष्य में कोर्ट-कचहरी के चक्कर कम होंगे।

किराएदारों को मिली बड़ी राहत – अब नहीं सताएगा डिपॉजिट और बेदखली का डर

सबसे बड़ी खुशखबरी सिक्योरिटी डिपॉजिट की लिमिट है। अब रिहायशी मकान के लिए मालिक सिर्फ दो महीने का किराया ही एडवांस या सिक्योरिटी डिपॉजिट ले सकता है। कमर्शियल प्रॉपर्टी में यह सीमा छह महीने तक रखी गई है। अब एक साथ भारी रकम जमा करने की मजबूरी नहीं रहेगी।

बेदखली के नए नियम भी किराएदारों के पक्ष में हैं। मकान मालिक अब बिना उचित नोटिस और कानूनी प्रक्रिया के आपको घर से नहीं निकाल सकेगा। किराया बढ़ाने के लिए भी पहले नोटिस देना पड़ेगा और यह New Rent Agreement 2025 में लिखी शर्तों के मुताबिक ही होगा। मनमाने ढंग से किराया बढ़ाना पूरी तरह बंद।

मकान मालिकों की हुई बल्ले-बल्ले – टैक्स में छूट, जल्दी न्याय

सबसे बड़ी राहत TDS में आई है। पहले 2.4 लाख रुपये सालाना किराए पर TDS कटता था, अब यह लिमिट बढ़ाकर 6 लाख रुपये सालाना कर दी गई है। यानी अब ज्यादा किराया आने पर भी टैक्स नहीं कटेगा, मालिकों के हाथ में ज्यादा पैसा आएगा।

विवाद सुलझाने के लिए स्पेशल Rent Courts और Tribunals बनाए गए हैं। अब कोई भी केस 60 दिन में निपट जाएगा। अगर किराएदार तीन महीने या उससे ज्यादा का किराया नहीं देता तो मकान मालिक को तुरंत बेदखली और रिकवरी का अधिकार मिलेगा। कुल मिलाकर New Rent Agreement 2025 ने दोनों पक्षों को सुरक्षित कर दिया है।

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