Mosquito Coil Side Effects : बरसात का मौसम अपने साथ राहत तो लाता है, लेकिन इसके बाद जो सबसे बड़ी समस्या सामने आती है, वह है मच्छरों का प्रकोप।
मच्छरों के काटने से डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया जैसी खतरनाक बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। यही वजह है कि ज्यादातर लोग और पैरेंट्स अपने बच्चों को बचाने के लिए मॉस्किटो कॉइल का सहारा लेते हैं।
लेकिन क्या आप जानते हैं कि कॉइल का धुआं जहां एक तरफ मच्छरों को दूर करता है, वहीं दूसरी तरफ यह आपके बच्चे की सेहत के लिए साइलेंट पॉइजन भी साबित हो सकता है।
खासतौर पर छोटे बच्चों के लिए यह धुआं कई गंभीर समस्याओं को जन्म दे सकता है। आइए जानते हैं कि कॉइल का धुआं बच्चों की सेहत पर किस तरह से असर डालता है।
सांस की समस्याएं और फेफड़ों पर असर
कॉइल जलने के बाद निकलने वाले धुएं में पाइरेथ्रोइड्स, फॉर्मल्डिहाइड, कार्बन मोनोऑक्साइड और बेंजीन जैसे हानिकारक केमिकल्स मौजूद होते हैं।
लंबे समय तक इनके संपर्क में रहने से बच्चों को खांसी, अस्थमा, ब्रॉन्काइटिस और सांस लेने में तकलीफ जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
लगातार इसका असर उनके फेफड़ों को नुकसान पहुंचा सकता है।
सीने में कंजेशन और बलगम की समस्या
कॉइल का धुआं बच्चों के रेस्पिरेटरी ट्रैक्ट पर बुरा असर डालता है। इससे छाती में जकड़न, बलगम जमना और सांस लेने में परेशानी जैसी दिक्कतें हो सकती हैं।
अगर बच्चा पहले से सर्दी-जुकाम या अस्थमा से जूझ रहा है, तो उसके लिए यह धुआं और भी ज्यादा खतरनाक हो जाता है।
दिमाग और नर्वस सिस्टम पर असर
कॉइल में मौजूद पाइरेथ्रोइड्स बच्चों के नर्वस सिस्टम और ब्रेन डवलपमेंट पर नकारात्मक असर डाल सकते हैं।
छोटे बच्चों का दिमाग तेजी से विकसित होता है, ऐसे में जहरीला धुआं उनके न्यूरोलॉजिकल हेल्थ के लिए बेहद नुकसानदायक साबित हो सकता है।
अगर आप अपने बच्चों की सेहत को लेकर सचमुच चिंतित हैं, तो मच्छर भगाने के लिए कॉइल का इस्तेमाल करने से पहले दो बार सोचें।
इसकी जगह मच्छरदानी, हर्बल रिपेलेंट्स या नेचुरल ऑयल्स (जैसे नीम, लैवेंडर या सिट्रोनेला) का इस्तेमाल करना ज्यादा सुरक्षित और हेल्दी विकल्प हो सकता है।











