ऋषिकेश (ब्यूरो)। देवभूमि की मर्यादा को ताक पर रखकर हरिद्वार रोड स्थित एक होटल में चल रहे हाई-प्रोफाइल ‘अवैध कैसीनो’ का देहरादून पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) प्रमेंद्र सिंह डोभाल के निर्देश पर हुई इस सर्जिकल स्ट्राइक में पुलिस ने होटल नवरंग से 10 महिलाओं सहित कुल 40 अभियुक्तों को रंगे हाथों दबोचा है। छापेमारी के दौरान मौके से हजारों की संख्या में कैसीनो चिप्स (क्वाइन्स), ताश की गड्डियां और महंगी शराब की बोतलें बरामद हुई हैं।
पुलिस की इस रेड ने न सिर्फ जुआरियों के नेटवर्क को तोड़ा, बल्कि महकमे के भीतर छिपे लापरवाह चेहरों को भी बेनकाब कर दिया है। एसएसपी देहरादून ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आईडीपीएल (IDPL) चौकी पर तैनात दरोगा समेत समस्त स्टाफ को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है। पुलिस का मानना है कि स्थानीय पुलिस की मिलीभगत या घोर लापरवाही के बिना इतने बड़े स्तर पर कैसीनो का संचालन मुमकिन नहीं था।
होटल के भीतर का नजारा किसी बड़े शहर के कैसीनो जैसा था। पुलिस ने मौके से 3356 कैसीनो क्वाइन्स, 26 ताश की गड्डियां और 1,37,600 रुपये की नगदी जब्त की है। जांच में सामने आया है कि इस जुआ पार्टी में शामिल होने के लिए दिल्ली, मेरठ और हरियाणा जैसे राज्यों से भी लोग पहुंचे थे। पकड़ी गई 10 युवतियां मुख्य रूप से दिल्ली की रहने वाली हैं, जिन्हें खास तौर पर इस इवेंट के लिए बुलाया गया था।
होटल नवरंग को प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से सील कर दिया है। होटल मालिक पुलिस की भनक लगते ही फरार हो गया, जिसकी तलाश में टीमें दबिश दे रही हैं। गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ कोतवाली ऋषिकेश में जुआ अधिनियम की धारा 3/4/5 और आबकारी अधिनियम की धारा 60/68 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
इस बड़ी कार्रवाई में एक महत्वपूर्ण कानूनी पहलू भी जुड़ गया है। दरअसल, उत्तराखंड सरकार ने हाल ही में ‘उत्तराखंड सार्वजनिक जुआ निवारण विधेयक 2026’ को मंजूरी दी है, जो ब्रिटिश काल के 1867 के कानून की जगह लेगा। नए कानून के तहत संगठित जुआ गिरोह चलाने वालों को अब 5 साल तक की जेल और 10 लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है। ऋषिकेश की इस घटना ने साफ कर दिया है कि पुलिस अब नए सख्त तेवरों के साथ इस सिंडिकेट पर नकेल कसने की तैयारी में है।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों की सूची में ऋषिकेश के स्थानीय कारोबारियों के साथ-साथ दिल्ली के रोहिणी, मेरठ और ग्रेटर नोएडा के रईसजादे भी शामिल हैं। पुलिस अब इन सभी के पुराने आपराधिक इतिहास को खंगाल रही है ताकि इस संगठित नेटवर्क की जड़ों तक पहुंचा जा सके।
गिरफ्तार अभियुक्तों का विवरण :
अशोक थापा (श्यामपुर), सूरज (भट्टोवाला), हर्षवर्धन उर्फ पिंटू (मालवीय नगर), विनोद सिंह (गुमानीवाला), नरेन्द्र पाल, सन्तन सिंह (नरेन्द्रनगर), हितेश, राकेश जोशी, सोनू, मोहन सिंह, भगवान सिंह, गोपाल सिंह, सुरेन्द्र सिंह, सलीम (कोटद्वार), बक्सी सिंह पंवार, संजीव (दिल्ली), राहुल सिंह बिष्ट (टिहरी), अभिषेक (मेरठ), प्रमोद बिष्ट, राजेश सिंह (डोईवाला), गुरुप्रसाद, राहुल (मेरठ), त्रिलोक सिंह राणा, महेन्द्र सिंह, शिव सिंह, भगवती प्रसाद, लखदीप कुमार (दिल्ली), सुशील रावत (कोटद्वार), संजीव सिंह (आईडीपीएल), दीपक (दिल्ली), सिमरन (दिल्ली), अंजलि (फरीदाबाद), पवित्रा (दिल्ली), सरिता लामा (दिल्ली), सानिया (दिल्ली), प्रीति (दिल्ली), मायरा (दिल्ली), सबीना (दिल्ली), श्वेता (मेरठ) और मनीषा कौशिक (ग्रेटर नोएडा)।
बरामदगी की सूची :
कुल कैसीनो क्वाइन (टिक्की): 3356 नग
ताश की गड्डियां: 26
नगदी: 1,37,600 रुपये
शराब की बोतलें (विभिन्न ब्रांड): 09






