Liver Water Retention : हमारा लिवर शरीर के सबसे महत्वपूर्ण अंगों में से एक है। यह खून को साफ करता है, पाचन तंत्र को सुचारू रखता है और कई जरूरी प्रक्रियाओं को नियंत्रित करता है।
लेकिन आजकल बदलती जीवनशैली, गलत खानपान और तनाव के कारण कई लोग लिवर से जुड़ी परेशानियों का सामना कर रहे हैं। इनमें से एक समस्या है लिवर में पानी भरना, जिसे चिकित्सकीय भाषा में असाइटिस भी कहा जाता है।
कई लोग शुरुआती लक्षणों को हल्के में लेकर अनदेखा कर देते हैं, जिससे स्थिति धीरे-धीरे गंभीर हो सकती है। अगर समय रहते संकेत समझ लिए जाएं तो इलाज आसान और प्रभावी रहता है।
पेट के आकार में बदलाव सबसे पहला संकेत
लिवर में पानी भरने का पहला असर पेट पर दिखाई देता है। पेट धीरे-धीरे सामान्य से ज्यादा भारी लगने लगता है। जैसे-जैसे फ्लूयड जमा होता है, पेट बाहर की ओर फैलने लगता है।
कई बार व्यक्ति इसे गैस या सामान्य सूजन समझकर नजरअंदाज कर देता है, लेकिन लगातार ऐसा होना एक बड़ा संकेत हो सकता है।
वजन का अचानक बढ़ना
अगर वजन बहुत कम दिनों में अचानक बढ़ने लगे और कोई खास वजह न हो, तो यह शरीर में फ्लूयड रिटेंशन का संकेत हो सकता है।
लिवर ठीक से काम न करे तो पानी पेट या शरीर के निचले हिस्सों में जमा होने लगता है। यह वृद्धि फैट के कारण नहीं होती, लेकिन वजन बढ़ा हुआ दिखता है।
पेट में दबाव, दर्द और भारीपन
लिवर में पानी भरने से पेट के अंदर दबाव बढ़ता जाता है। व्यक्ति को लगातार पेट भरा-भरा सा महसूस होता है, भले ही उसने बहुत कम खाना खाया हो।
कई लोगों को पेट में खिंचाव या हल्का दर्द भी महसूस होता है। यह असहजता धीरे-धीरे रोजमर्रा के कामों को भी प्रभावित कर सकती है।
सांस लेने में दिक्कत का बढ़ना
जैसे-जैसे पेट में जमा फ्लूयड डायाफ्राम के पास दबाव डालता है, सांस लेना मुश्किल होने लगता है। सोते समय यह समस्या और बढ़ जाती है।
अगर किसी को बिना मेहनत किए भी सांस लेने में भारीपन लगे, तो यह लिवर से जुड़ी परेशानी का संकेत हो सकता है।
भूख कम लगना और जल्दी पेट भरना
लिवर में पानी जमने से पेट के भीतर स्पेस कम हो जाता है। इसका असर सीधे भूख पर पड़ता है।
व्यक्ति थोड़ी-सी मात्रा में खाना खाता है और उसे लगता है कि पेट पूरी तरह भर गया। लगातार भूख कम लगना पोषण की कमी की ओर भी ले जा सकता है।
लगातार थकान बने रहना
लिवर के कमजोर होने पर शरीर ऊर्जा को ठीक से प्रोसेस नहीं कर पाता। इसी वजह से हल्के काम करने पर भी थकान महसूस होने लगती है।
यह थकान सामान्य कमजोरी से अलग होती है और धीरे-धीरे बढ़ती जाती है।
अकड़न, उल्टी और पैरों की सूजन
लिवर में पानी भरने के साथ-साथ शरीर के निचले हिस्सों — खासकर टखनों और पैरों में — सूजन दिखने लगती है। यह सूजन दबाने पर गड्ढे जैसी बनावट छोड़ती है। कुछ लोगों को उल्टी, जी मिचलाना और सीने में जलन भी महसूस हो सकती है।
ये सभी लक्षण इस ओर इशारा करते हैं कि शरीर में पानी का संतुलन बिगड़ चुका है और लिवर अपनी क्षमता खो रहा है।
क्यों जरूरी है समय रहते पहचान?
लिवर की किसी भी समस्या को नजरअंदाज करना लंबे समय में भारी पड़ सकता है। कई बार लिवर में पानी भरना किसी गंभीर बीमारी — जैसे लिवर सिरोसिस, फैटी लिवर की बढ़ी हुई स्टेज या इंफेक्शन — का संकेत होता है।
इसलिए इसके लक्षणों को पहचानना और समय पर चिकित्सकीय सलाह लेना बेहद जरूरी है।











