नई दिल्ली : जगदीप धनखड़ के हालिया इस्तीफे के बाद राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) उपराष्ट्रपति पद के लिए अपने उम्मीदवार के चयन की प्रक्रिया में जुट गया है। यह महत्वपूर्ण फैसला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मालदीव दौरे से लौटने के बाद लिया जाएगा। एनडीए की एक अहम बैठक जल्द होने की संभावना है, जिसमें उपराष्ट्रपति पद के लिए नाम तय किया जाएगा।
भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) अपने किसी अनुभवी नेता को इस पद के लिए चुनने की योजना बना रही है, जिसे गठबंधन के सभी सहयोगी दलों का समर्थन मिले। खास बात यह है कि नया उपराष्ट्रपति उन पांच राज्यों में से हो सकता है, जहां अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं।
जगदीप धनखड़ ने 21 जुलाई को स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफा दे दिया था। उनका यह फैसला अप्रत्याशित था, क्योंकि वह अपने कार्यकाल के दौरान कई बार विपक्षी दलों के साथ टकराव को लेकर चर्चा में रहे। धनखड़ उन गिने-चुने उपराष्ट्रपतियों में शामिल हो गए हैं, जिन्होंने कार्यकाल पूरा होने से पहले इस्तीफा दिया। इससे पहले वी.वी. गिरी और आर. वेंकटरमण ही ऐसा कर चुके हैं।
उपराष्ट्रपति का चुनाव लोकसभा और राज्यसभा के सांसदों से मिलकर बने निर्वाचक मंडल द्वारा होता है। इस मंडल में कुल 782 सांसद हैं, जिनमें से एनडीए के पास करीब 425 सांसदों का समर्थन है। यह स्पष्ट बहुमत एनडीए के उम्मीदवार को इस पद के लिए मजबूत दावेदार बनाता है। सूत्रों के मुताबिक, बीजेपी ऐसे नेता को चुनना चाहती है, जो संगठन के मूल्यों और विचारधारा को मजबूत करे और जिसके पास व्यापक राजनीतिक अनुभव हो।
चुनावी रणनीति पर फोकस
उपराष्ट्रपति के चयन में एनडीए की नजर आगामी विधानसभा चुनावों पर भी है। बिहार में इस साल अक्टूबर-नवंबर में और अगले साल असम, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और केरल में विधानसभा चुनाव होने हैं। इसलिए उम्मीदवार के चयन में इन राज्यों की राजनीतिक परिस्थितियों को ध्यान में रखा जा सकता है। उपराष्ट्रपति का पद उच्च सदन का सभापति होने के नाते संसद की कार्यवाही और सरकार के एजेंडे को दिशा देने में अहम भूमिका निभाता है।
संभावित दावेदार कौन?
हालांकि अभी तक कोई आधिकारिक नाम सामने नहीं आया है, लेकिन चर्चा है कि जनता दल (यूनाइटेड) के सांसद और राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश इस पद के लिए मजबूत दावेदार हो सकते हैं। वह 2020 से इस पद पर हैं और उनकी गैर-विवादास्पद छवि उन्हें उपयुक्त बनाती है। हालांकि, कुछ लोग यह भी मानते हैं कि बीजेपी अपने किसी वरिष्ठ नेता को इस पद के लिए चुन सकती है।
प्रधानमंत्री की वापसी का इंतजार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस समय मालदीव की यात्रा पर हैं, जहां उन्होंने राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जु के साथ कई समझौतों पर हस्ताक्षर किए। उनकी वापसी के बाद एनडीए की बैठक में इस मुद्दे पर चर्चा तेज होगी। सूत्रों का कहना है कि अगले सप्ताह तक उम्मीदवार की घोषणा हो सकती है। निर्वाचन आयोग ने उपराष्ट्रपति चुनाव की प्रक्रिया शुरू कर दी है और पी.सी. मोदी को रिटर्निंग ऑफिसर नियुक्त किया है।
बीजेपी इस बार अपने अनुभवी नेताओं में से ही किसी को चुनना चाहती है, ताकि संगठन की विचारधारा को मजबूती मिले। पार्टी सूत्रों का कहना है कि बीजेपी नए प्रयोगों से बचना चाहती है और सहयोगी दलों की सहमति के साथ फैसला लेगी। धनखड़ के इस्तीफे के पीछे उनकी बेबाक शैली और विपक्ष के प्रस्ताव को स्वीकार करने का फैसला भी एक कारण माना जा रहा है, जिससे सत्तारूढ़ गठबंधन में नाराजगी थी।
विपक्ष भी दौड़ में
ऐसे संकेत हैं कि विपक्ष भी इस पद के लिए अपने उम्मीदवार को उतार सकता है। हालांकि, एनडीए के पास स्पष्ट बहुमत होने के कारण उसका उम्मीदवार प्रबल दावेदार माना जा रहा है। बीजेपी के एक नेता ने कहा, “उम्मीदवारों के बारे में अभी अटकलें लगाना जल्दबाजी होगी, लेकिन धनखड़ का फैसला भविष्य के चयन पर असर डालेगा।” निर्वाचन आयोग ने गरिमा जैन और विजय कुमार को सहायक निर्वाचन अधिकारी नियुक्त किया है।











