India-US Trade Tariff : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत से आने वाले सामान पर 25% अतिरिक्त टैक्स लगा दिया है, जिसके बाद अब कुल टैक्स 50% हो गया है। यह फैसला भारत द्वारा रूस से तेल खरीदने को लेकर लिया गया है। इस कदम ने भारत में सियासी हलचल मचा दी है। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने इसे केंद्र सरकार की विदेश नीति की बड़ी नाकामी करार दिया है।
ट्रंप का फैसला, भारत पर दबाव
खरगे ने कहा कि ट्रंप का यह कदम तब आया है, जब भारत की कूटनीति कमजोर और दिशाहीन दिख रही है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि वह इस संकट से निपटने में पूरी तरह असफल रहे हैं। खरगे ने आरोप लगाया कि ट्रंप भारत पर दबाव बना रहे हैं और मोदी सरकार चुप्पी साधे हुए है। बता दें कि यह विवाद तब शुरू हुआ, जब ट्रंप ने भारत के रूस से तेल खरीदने पर नाराजगी जताई। इसके जवाब में उन्होंने भारत से आने वाले सामान पर पहले से लागू 25% टैक्स के अलावा 25% और शुल्क जोड़ दिया। यह नया आदेश 7 अगस्त 2025 से लागू हो चुका है।
पीएम मोदी पर खरगे का तंज
कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने पीएम मोदी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा, “मोदी जी, आप अमेरिका के साथ व्यापार समझौता नहीं कर पाए। आपके मंत्री महीनों से बातचीत की बात कर रहे थे, कुछ तो वॉशिंगटन में डेरा डाले थे। फिर भी नतीजा सिफर रहा और अब यह बड़ा झटका लगा है।” खरगे ने तंज कसते हुए कहा कि इस बार मोदी सरकार अपनी नाकामी का ठीकरा 70 साल पुरानी कांग्रेस सरकारों पर भी नहीं फोड़ सकती।
मोदी की चुप्पी पर सवाल
खरगे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर पीएम मोदी की चुप्पी पर सवाल उठाए। उन्होंने लिखा कि मोदी सरकार पिछले छह महीनों से अमेरिका के साथ कोई व्यापार समझौता नहीं कर पाई। खरगे ने कहा, “ट्रंप भारत को धमकाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन मोदी जी खामोश हैं।” उन्होंने यह भी याद दिलाया कि 2024 में जब ट्रंप ने BRICS को मृत घोषित किया और 100% टैक्स की धमकी दी थी, तब भी पीएम मोदी ने कुछ नहीं कहा।
अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा भारी बोझ
खरगे ने इस टैक्स नीति के आर्थिक प्रभाव को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि भारत का अमेरिका को निर्यात करीब ₹7.51 लाख करोड़ (2024) का है। 50% टैक्स से भारत पर करीब ₹3.75 लाख करोड़ का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। इससे कृषि, एमएसएमई, डेयरी, इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स, जेम्स एंड ज्वेलरी, दवाइयाँ, पेट्रोलियम और कपड़ा उद्योगों को भारी नुकसान होगा। खरगे ने कहा कि यह फैसला भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए बड़ा झटका साबित हो सकता है।











