Ganesh Chaturthi Puja : सनातन धर्म में गणेश चतुर्थी का पर्व बेहद खास महत्व रखता है। भाद्रपद महीने की शुक्ल पक्ष की चौथी तिथि पर यह उत्सव पूरे हर्ष और श्रद्धा के साथ मनाया जाता है।
महाराष्ट्र में यह पर्व सबसे ज्यादा धूमधाम से मनाया जाता है, लेकिन अब पूरे देश में भक्तगण बप्पा का स्वागत बड़े हृदय से करते हैं।
घर-घर होता है बप्पा का स्वागत
गणेश चतुर्थी के अवसर पर लोग घरों और पंडालों में गणपति बप्पा की स्थापना करते हैं। मान्यता है कि स्थापना के बाद भक्त पूरे नियम और श्रद्धा के साथ उनकी सेवा और आराधना करते हैं।
हर दिन भगवान गणेश को भोग लगाया जाता है और विधि-विधान से पूजा की जाती है।
किन देवी-देवताओं की करें पूजा?
शास्त्रों के अनुसार गणेश चतुर्थी पर केवल गणपति ही नहीं, बल्कि पंचदेवों की पूजा भी करनी चाहिए। इन पंचदेवों में भगवान शिव, विष्णुजी, माता गौरी और सूर्यदेव शामिल हैं।
ऐसा करने से पूजा का फल कई गुना बढ़ जाता है। मान्यता है कि सभी देवताओं का आशीर्वाद मिलने से जीवन की बाधाएं दूर होती हैं, दुख कम होते हैं और घर-परिवार में सुख-समृद्धि बनी रहती है।
बप्पा की मूर्ति कितने दिन रखें?
अब सवाल यह है कि गणपति बप्पा को घर में कितने दिन तक स्थापित किया जाए। शास्त्रों और परंपराओं में इसके कई नियम बताए गए हैं।
मूर्ति को डेढ़ दिन, 3 दिन, 5 दिन या 7 दिन तक रखा जा सकता है।
कुछ लोग पूरे 10 दिन तक गणेश जी को घर पर विराजमान रखते हैं।
इस दौरान हर दिन पूजा, भोग और आरती करना आवश्यक माना जाता है।
मान्यता है कि जितने दिन भी बप्पा घर पर रहें, उन्हें पूरे स्नेह और भक्ति से पूजा जाए तो घर में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है और हर कार्य में सफलता प्राप्त होती है।











