Ganesh Chaturthi Muhurat : भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को गणेश चतुर्थी के नाम से जाना जाता है। शास्त्रों के अनुसार, इस दिन व्रत करने वाला व्यक्ति शिवलोक की प्राप्ति करता है और सभी मनोकामनाओं की सिद्धि होती है।
गणेश चतुर्थी का महत्व
गणेश चतुर्थी की तिथि तीन प्रकार की होती है—शिवा, शान्ता और सुखा। इनमें से भाद्रपद शुक्ल पक्ष की चतुर्थी “शिवा” कहलाती है। इस वर्ष गणेश चतुर्थी 27 अगस्त 2025 को मनाई जाएगी।
मान्यता है कि इस दिन स्नान, जप, दान, उपवास और पूजा का फल सौ गुना बढ़कर मिलता है। भगवान गणपति का पूजन करते समय “आगच्छोल्काय” कहकर उनका आवाहन किया जाता है। गंध, पुष्प और लड्डुओं से गणेश जी का पूजन करना शुभ माना गया है।
गणेश गायत्री मंत्र
गणेश चतुर्थी पर “गणेश गायत्री मंत्र” का जप विशेष फलदायी होता है।
यह मंत्र हमें बुद्धि और ज्ञान से प्रकाशित करता है और जीवन की बाधाओं को दूर करता है।
इस दिन क्या करें दान?
पुराणों में उल्लेख है कि गणेश चतुर्थी पर किया गया दान कई सौ गुना पुण्यफल देता है।
इस दिन विशेष रूप से गुड़, घी और नमक का दान करना शुभ माना गया है। साथ ही, गुड़ के मालपुए बनाकर ब्राह्मणों को भोजन कराने की परंपरा भी है।
विवाह योग्य कन्याओं के लिए यह व्रत अत्यंत फलदायी माना गया है।
शुभ मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त: प्रातः 04:28 से 05:12 तक
विजय मुहूर्त: दोपहर 02:31 से 03:22 तक
गोधूलि मुहूर्त: शाम 06:48 से 07:10 तक
निशिता मुहूर्त: रात्रि 12:00 से 12:45 तक
इन मुहूर्तों में पूजा और मंत्रजप करने से गणपति बप्पा की कृपा कई गुना बढ़ जाती है।











