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Ganesh Chaturthi Mantra : गणेश चतुर्थी पर करें ये मंत्र जाप, हर कार्य में मिलेगी सफलता

By Rajat Sharma

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Ganesh Chaturthi Mantra : भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को गणेश चतुर्थी का पर्व पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया जाता है।

इस वर्ष गणेश चतुर्थी 27 अगस्त 2025 को पड़ रही है। मान्यता है कि इस दिन घर-घर में विघ्नहर्ता गणेश जी की स्थापना कर विशेष पूजन किया जाता है।

गणपति बप्पा को खुश करने और जीवन की बाधाओं को दूर करने के लिए उनके मंत्रों का जाप बेहद फलदायी माना जाता है।

हर मंत्र का अलग महत्व है और यह भक्त की अलग-अलग मनोकामनाओं को पूरा करता है। आइए जानते हैं कुछ खास गणपति मंत्र और उनके अर्थ—

गणेश गायत्री मंत्र

“ॐ एकदन्ताय विद्महे वक्रतुण्डाय धीमहि। तन्नो दन्तिः प्रचोदयात्॥”

अर्थ – हम एकदंत और वक्रतुण्ड (घुमावदार सूंड वाले) भगवान गणेश का ध्यान करते हैं। वे हमें सदैव सही दिशा में प्रेरित करें।
यह मंत्र सभी मनोकामनाओं की पूर्ति और सकारात्मक ऊर्जा पाने के लिए श्रेष्ठ माना गया है।

वक्रतुण्ड महाकाय मंत्र

“वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ। निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा॥”

अर्थ – जिनकी सूंड वक्र है, जिनका शरीर विशाल है और जो करोड़ों सूर्यों के समान तेजस्वी हैं, वे प्रभु मेरे सभी कार्य बिना विघ्न पूरे करें।
यह मंत्र किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत से पहले अवश्य बोला जाता है। मान्यता है कि इससे कार्य में आने वाली हर रुकावट दूर हो जाती है।

नमो नमः मंत्र

“नमामि विघ्नविनायकं वरदं लम्बोदरं शूरपद्मप्रियं।
गजाननं वेदयज्ञप्रियं, पार्वतीसुतं नमामि नमः॥”

अर्थ – विघ्नों को हरने वाले, वरदान देने वाले, लम्बोदर, कलाओं के भंडार और जगत का भला करने वाले पार्वतीनंदन गणेश जी को बार-बार नमन है।
यह मंत्र परिवार और जीवन में सुख-समृद्धि लाने वाला माना जाता है।

हेरम्ब मंत्र

“ॐ हेरम्बाय नमः॥”

अर्थ – हे हेरम्ब! जिनकी सवारी मूषक है, जो परशु धारण करने वाले विश्वेश्वर हैं, उन्हें बार-बार नमन है।
यह मंत्र संकट से रक्षा और भय दूर करने वाला माना जाता है।

गणपति नमो नमः मंत्र

“एकदंतं महाकायं, ताप्तकाञ्चनसन्निभम्।
लम्बोदरं विश्ववंद्यं, गणपति नमो नमः॥”

अर्थ – एकदंत, विशालकाय, स्वर्ण समान तेजस्वी, लम्बोदर और विश्व में वंदनीय गणपति को बार-बार प्रणाम है।
इस मंत्र का जाप करने से जीवन की पीड़ा दूर होती है और मन को शांति मिलती है।

गणेश चतुर्थी के अवसर पर यदि इन शक्तिशाली मंत्रों का श्रद्धा और विश्वास से जाप किया जाए, तो जीवन से विघ्न दूर होकर सुख-समृद्धि और सफलता प्राप्त होती है।

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