देहरादून : उत्तराखंड के कृषि मंत्री गणेश जोशी ने प्रदेश में अतिवृष्टि से किसानों की फसलों को हुए नुकसान की समीक्षा की। उन्होंने कृषि एवं उद्यान विभाग के अधिकारियों के साथ एक बैठक कर जल्द से जल्द प्रभावित किसानों को मुआवजा देने का निर्देश दिया।
मंत्री जोशी ने कहा कि फसलों के नुकसान का नियमित सर्वेक्षण कर प्रतिदिन रिपोर्ट मंत्रालय को सौंपी जाए। उन्होंने अधिकारियों को भारत सरकार के मानकों के अनुसार शीघ्र कागजी कार्यवाही पूरी कर किसानों को मुआवजा उपलब्ध कराने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रभावित कृषकों को तुरंत राहत पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है और इस कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
अधिकारियों ने बैठक में बताया कि अतिवृष्टि से प्रदेश में औद्यानिक फसलों को 12,272.74 हेक्टेयर में नुकसान हुआ है। इनमें से 4,797.49 हेक्टेयर में 33 प्रतिशत से अधिक क्षति हुई है, जिसमें सिंचित और असिंचित दोनों क्षेत्र शामिल हैं। उत्तरकाशी जिले के भटवाड़ी विकासखंड के धराली गांव में भी फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है।
इसी तरह, कृषि फसलों को 339.47 हेक्टेयर में नुकसान हुआ, जिसमें से 45 हेक्टेयर में 33 प्रतिशत से अधिक क्षति दर्ज की गई है। अधिकारियों ने बताया कि यह नुकसान भारत सरकार के आपदा मानकों के तहत आता है और प्रभावित किसानों को मुआवजा दिया जाएगा। हरिद्वार और उधमसिंह नगर के खटीमा में जल भराव के कारण अभी तक नुकसान का आकलन नहीं हो पाया है, जिसे जल्द ही पूरा किया जाएगा।
कृषि मंत्री ने आश्वासन दिया कि राज्य सरकार इस संकट की घड़ी में किसानों के साथ खड़ी है और जल्द ही मुआवजा वितरण की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। बैठक में कृषि विभाग के संयुक्त निदेशक दिनेश कुमार और निदेशक बागवानी मिशन महेंद्र पाल उपस्थित थे।







