Eating Outside Disadvantages : हम सब जानते हैं कि बाहर का चटपटा खाना किसी को भी अपनी ओर खींच सकता है। तली-भुनी खुशबू, मसालों का तड़का और नए-नए व्यंजनों का आकर्षण कई बार हमें सोचने पर भी मजबूर नहीं करता।
लेकिन सच यह है कि घर पर बना साधारण-सा खाना ही आपकी सेहत को सबसे ज्यादा सुरक्षा देता है। जहां बाहर का भोजन स्वाद से भरा होता है, वहीं उससे जुड़ी अनदेखी जोखिमें कई बार बहुत भारी पड़ सकती हैं।
विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट बताती है कि हर साल करोड़ों लोग अस्वच्छ और हानिकारक बाहर का खाना खाने की वजह से बीमार पड़ जाते हैं।
कई मामलों में स्थिति इतनी गंभीर होती है कि जान तक चली जाती है। शायद आपको लगे कि यह अतिशयोक्ति है, पर विशेषज्ञ मानते हैं कि यह जोखिम वाकई मौजूद है—बस हम हर बार इसका शिकार नहीं होते।
क्यों बाहर के खाने में छिपा रहता है बीमारी का खतरा?
बाहर के खाने से हर कोई बीमार पड़े, यह ज़रूरी नहीं, लेकिन खतरा हमेशा बना रहता है। इसका कारण सीधा है—होटल या रेस्टोरेंट की रसोई पर हमारा कोई नियंत्रण नहीं होता।
वहां इस्तेमाल होने वाली सामग्री, स्वच्छता, या खाना ताज़ा है या पुराने में दोबारा तड़का लगाया गया है—इन सभी चीज़ों का भरोसा नहीं होता।
इसके अलावा, बाहर का खाना अकसर इतना भारी होता है कि एक बार में ही जरूरत से ज्यादा कैलरी शरीर में चली जाती हैं। इसके विपरीत, घर का खाना भोजन की मात्रा और पोषण दोनों में संतुलन देता है।
रेस्टोरेंट के खाने की सबसे खतरनाक सच्चाई: दोबारा गर्म हुआ तेल
अक्सर बाहर के खाने में वही तेल इस्तेमाल होता है जिसे कई बार गर्म किया जा चुका होता है। यह तेल एलडीएल यानी ‘बैड कोलेस्ट्रॉल’ बढ़ाने का काम करता है, जो दिल की बीमारियों और स्ट्रोक का खतरा बढ़ाता है।
बार-बार गर्म हुए तेल से बनते जहरीले तत्व सिर्फ पाचन को खराब नहीं करते, बल्कि लम्बे समय में कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों की वजह भी बन सकते हैं।
वेजिटेबल ऑयल जब एक से अधिक बार गर्म होता है तो उसमें कई हानिकारक कंपाउंड बनते हैं जो शरीर की कोशिकाओं के सामान्य कामकाज को ही बाधित कर देते हैं।
गलत फूड कॉम्बिनेशन भी बिगाड़ सकते हैं सेहत
रेस्टोरेंट के स्वाद को और आकर्षक बनाने के लिए कई बार ऐसे कॉम्बिनेशन का उपयोग किया जाता है जो आपके शरीर के लिए नुकसानदेह साबित हो सकते हैं।
जैसे—
दही के साथ फल, मछली के साथ दूध, प्रोटीन के साथ स्टार्च, फलों के साथ डेयरी प्रोडक्ट आदि।
ये संयोजन देखने में सामान्य लगते हैं, लेकिन शरीर के पाचन तंत्र को असंतुलित कर देते हैं। बाहर खाने के दौरान हम यह नहीं सोचते कि पकवान में कौन-कौन सी चीजें मिलाई गई हैं, और यही अनजाने में बड़ी परेशानी की वजह बन सकता है।
बासी खाना: छुपा हुआ संकट
बाहर के खाने की सबसे बड़ी समस्या यह भी है कि आप नहीं जान सकते कि खाना ताज़ा है या कई घंटों पुराना। बासी भोजन फूड पॉइजनिंग, पेट के संक्रमण, कमज़ोर इम्यूनिटी जैसी कई समस्याओं को जन्म देता है।
खासतौर पर चावल को देर तक रखने पर उसमें बैक्टीरिया बन जाते हैं और दोबारा सेवन करने पर ‘फ्राइड राइस सिंड्रोम’ का खतरा बढ़ जाता है। यह पेट से लेकर हृदय तक कई गंभीर समस्याओं का कारण बन सकता है।
घर का खाना क्यों है सबसे बेहतर?
घर में बना खाना सिर्फ साफ-सुथरा ही नहीं होता, बल्कि आप अपनी जरूरत के हिसाब से उसमें नमक, मसाले, तेल और पोषण भी तय कर सकते हैं। यह न केवल स्वास्थ्यवर्धक होता है, बल्कि जेब पर भी हल्का पड़ता है।
अंत में, स्वाद चाहे जितना भी लुभाए, सच यही है कि नियमित रूप से घर का ताज़ा और संतुलित भोजन ही लंबी उम्र और बेहतर स्वास्थ्य की असली कुंजी है।











