Drawing Room Vastu : घर का ड्राइंग रूम केवल बैठने का कमरा नहीं है। यह घर में सकारात्मक ऊर्जा और खुशहाली लाने का केंद्र माना जाता है।
वास्तु शास्त्र के अनुसार, ड्राइंग रूम का सही स्थान, रंग और सजावट सीधे आपके घर के स्वास्थ्य और समृद्धि पर असर डालते हैं। अगर इसे सही दिशा और तरीके से व्यवस्थित किया जाए, तो घर में खुशहाली, स्वास्थ्य और सुख-शांति बनी रहती है।
ड्राइंग रूम की दिशा और रंग
वास्तु के अनुसार ड्राइंग रूम ईशान कोण (उत्तर-पूर्व दिशा) में होना चाहिए। लेकिन इसके साथ एक महत्वपूर्ण बात यह है कि इस कमरे में सुनहरे रंग का उपयोग नहीं करना चाहिए।
सुनहरा रंग इस दिशा में ऊर्जा को जड़ता में बदल देता है, जिससे सकारात्मक प्रभाव कम हो सकता है। इसके बजाय आप आसमानी या हल्के नीले रंग का चयन करें। यह रंग शांति और ऊर्जा को बढ़ाता है।
कमरे को बंद न रखें
ड्राइंग रूम को कभी लंबे समय तक बंद नहीं रखना चाहिए। अगर यह कमरा बंद रहता है तो पृथ्वी तत्व की अधिकता हो जाती है, जिससे घर की सकारात्मक ऊर्जा प्रभावित होती है।
कोशिश करें कि कमरे में खिड़कियाँ और दरवाजे नियमित रूप से खुले रहें। ताजगी और प्रकाश दोनों कमरे में हमेशा ऊर्जा बनाए रखते हैं।
सजावट और फर्नीचर का महत्व
वास्तु के अनुसार ड्राइंग रूम का दरवाजा पूर्व या उत्तर दिशा में होना चाहिए। कमरे में रखा सोफा, कुर्सी और दीवान मुख्य रूप से दक्षिण और पश्चिम दिशा में रखें।
इससे घर में बैठे लोग आराम महसूस करते हैं और सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है।
साथ ही, कमरे की दीवारों पर पेंडुलम वाली घड़ी लगाना लाभकारी होता है, जो हल्का संगीत भी बजाए। यह घर में समय की सकारात्मक ऊर्जा लाने का संकेत है और माहौल को आनंदमय बनाता है।
फर्श और छत की ऊँचाई
ड्राइंग रूम की फर्श और छत अन्य कमरों की तुलना में थोड़ी नीची रखनी चाहिए। इससे कमरे में संतुलित ऊर्जा प्रवाह बनता है और पूरे घर में शांति बनी रहती है।
ड्राइंग रूम केवल एक बैठने का स्थान नहीं, बल्कि घर की ऊर्जा का केंद्र है। सही दिशा, रंग और सजावट के साथ इसे व्यवस्थित करने से घर में खुशहाली, स्वास्थ्य और समृद्धि आती है।
ध्यान रखें कि ये सभी उपाय सामान्य सलाह के तौर पर दिए गए हैं। इन्हें अपनाने से पहले वास्तु विशेषज्ञ की सलाह लेना जरूरी है।











