Diya Vastu Tips : हमारे घर का पूजा घर सिर्फ श्रद्धा और भक्ति का केंद्र ही नहीं होता, बल्कि यह घर में सकारात्मक ऊर्जा का मुख्य स्रोत भी होता है।
कई लोग समय-समय पर नया दीया लाते हैं और पुराने दीए को बदल देते हैं, लेकिन वास्तु और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यह बिल्कुल शुभ नहीं माना जाता।
पुराने दीए में पहले से ही मंत्रों का जाप, आरती और पूजा की ऊर्जा समाहित हो चुकी होती है। यही ऊर्जा घर के वातावरण को शुद्ध और सकारात्मक बनाती है।
पुराना दीया अपने आप में पवित्र माना जाता है। बार-बार पूजा और ध्यान के दौरान उसमें जमा हुई ऊर्जा धीरे-धीरे घर की नकारात्मक ऊर्जा को दूर कर देती है और सुख-शांति लाती है।
वास्तु शास्त्र में भी यह माना गया है कि जितना पुराना दीया होगा, उतना ही इसका सकारात्मक प्रभाव घर पर दिखाई देगा।
पूजा में पुराने दीए का लाभ
जब आप पुराने दीए से पूजा करते हैं, तो घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह लगातार बना रहता है। पुराने दीए में संचित ऊर्जा घर के हर कोने में फैलती है।
खासकर अगर आप रोजाना तेल या खास अवसरों पर घी का इस्तेमाल करते हैं, तो भगवान की कृपा आपके और आपके परिवार के ऊपर बनी रहती है।
आरती के बाद दीए का धुआं घर के सभी कोनों में फैलाएं। ऐसा करने से न केवल घर में अच्छे विचार और ऊर्जा का संचार होगा, बल्कि घर का वातावरण भी शांति और सुखमय बन जाएगा।
दीए की देखभाल
हालांकि पुराने दीए का इस्तेमाल शुभ है, लेकिन उसकी सफाई और देखभाल भी बेहद जरूरी है। अगर दीया धातु का है, तो उसे समय-समय पर धोकर साफ करना चाहिए।
इससे न केवल दीए की चमक बनी रहती है, बल्कि उसमें संचित ऊर्जा भी बनी रहती है। रोजाना तेल डालकर और खास अवसरों पर घी का प्रयोग करके आप पूजा की शक्ति को और भी बढ़ा सकते हैं।
दीए की देखभाल और उसकी नियमित पूजा घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बनाए रखने में मदद करती है।
घर में सकारात्मक ऊर्जा फैलाने के तरीके
पुराने दीए से पूजा करने के अलावा कुछ छोटे उपाय भी घर की ऊर्जा को बढ़ा सकते हैं। उदाहरण के लिए, आरती के बाद धुआं घर के हर कोने में फैलाना, दीए को साफ रखना और समय-समय पर तेल या घी बदलना।
ये छोटे-छोटे उपाय घर में सुख-शांति बनाए रखने में बड़ा योगदान देते हैं। इस तरह, पुराने दीए का महत्व सिर्फ धार्मिक नहीं है, बल्कि यह घर में सकारात्मक ऊर्जा, शांति और खुशहाली लाने में भी अहम भूमिका निभाता है।











